
- फायर सेफ्टी एक्ट के बाद शहरों से निकलकर औद्योगिक और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचेगी व्यवस्था
- 22 एडवांस्ड फायर व्हीकल और 21 वाटर बाउजर खरीदे जाएंगे
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश में फायर सेफ्टी विधेयक लागू होने के बाद अग्निशमन व्यवस्था को आधुनिक और राज्यव्यापी स्वरूप देने की तैयारी शुरू हो गई है। अब तक शहरी क्षेत्रों तक सीमित फायर सेवाओं का विस्तार औद्योगिक और ग्रामीण इलाकों तक किया जाएगा। इसके तहत पुलिस की डायल-112 सेवा की तर्ज पर अग्नि दुर्घटनाओं पर त्वरित प्रतिक्रिया के लिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया जाएगा। नगरीय विकास विभाग के अनुसार औद्योगिक क्षेत्रों में आग की घटनाओं से निपटने के लिए 22 एडवांस्ड मल्टीपर्पज फायर व्हीकल खरीदे जाएंगे। महानगरों में आग बुझाने के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु 21 वाटर बाउजर तथा अन्य आधुनिक अग्निशमन उपकरण भी लिए जा रहे हैं। फायर अमले की कमी दूर करने के लिए नगरीय निकाय निर्धारित मानदेय पर फायर वॉलंटियर्स भी नियुक्त कर सकेंगे।
अब तक अग्निशमन व्यवस्था मुख्य रूप से नगरीय निकायों तक सीमित थी, लेकिन नए फायर सेफ्टी एक्ट के लागू होने के बाद इसका दायरा पूरे मध्यप्रदेश में होगा। इससे ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों को भी संगठित अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं का लाभ मिलेगा। नए कानून के तहत पूरे प्रदेश के लिए एक अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा गठित होगी। इसके अधिकारी और कर्मचारी राज्य के किसी भी क्षेत्र में तैनात किए जा सकेंगे। राज्य सरकार आवश्यकतानुसार किसी भी आपातकालीन सेवा या केंद्र को राज्य अग्निशमन सेवा का हिस्सा घोषित कर सकेगी। सेवा की राज्य स्तर पर मॉनिटरिंग होगी, जबकि संचालन स्थानीय निकायों के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए अलग से संचालक की नियुक्ति भी होगी।
अन्य राज्यों से अलग होगी व्यवस्था
मध्यप्रदेश का नया फायर सेफ्टी कानून कई मामलों में अन्य राज्यों से अलग होगा। अग्निशमन सेवा का कार्यकारी नियंत्रण स्थानीय निकायों और सक्षम प्राधिकारी के पास रहेगा। राज्य सरकार स्वयं या स्थानीय निकाय की अनुशंसा पर नए फायर स्टेशन स्थापित कर सकेगी। आपातकालीन सेवाओं में फायर वॉलंटियर्स का नामांकन किया जा सकेगा। राज्य सरकार भवनों को अग्नि सुरक्षा प्रमाण-पत्र से छूट देने या शामिल करने का अधिकार रखेगी। साझा अग्निशमन अधोसंरचना और अग्नि सुरक्षा पर्यवेक्षक नियुक्ति संबंधी प्रावधान भी राज्य सरकार तय कर सकेगी।
वर्तमान स्थिति
प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में फिलहाल 851 फायर वाहन उपलब्ध हैं। कई निकायों में केवल एक ही फायर वाहन है। बहुमंजिला इमारतों में आग बुझाने के लिए भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में 52 से 56 मीटर ऊंचाई तक पहुंचने वाले हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म उपलब्ध हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे के अनुसार, नए कानून के अनुरूप व्यवस्थाएं मजबूत की जा रही हैं। इसके तहत 36 नए फायर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे और आपातकालीन सेवाओं के लिए नया तंत्र विकसित किया जा रहा है।
