
- अब तक 50 हजार को ही मिला प्रमोशन
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के करीब डेढ़ लाख अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि 31 जुलाई तक सभी विभागों में प्रमोशन आदेश जारी करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब तक करीब 50 हजार कर्मचारियों को ही पदोन्नति मिल सकी है। शेष लगभग एक लाख कर्मचारियों के प्रमोशन की प्रक्रिया अगस्त में भी जारी रहने की संभावना है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने सभी विभागों को 15 जुलाई तक विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठकें पूरी करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद विभागों ने तेजी से प्रमोशन आदेश जारी किए, लेकिन विधानसभा सत्र और अन्य तकनीकी कारणों के चलते प्रक्रिया अपेक्षित गति नहीं पकड़ सकी।
पदोन्नति से जुड़ी याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में लंबित होने के बावजूद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर जून में प्रमोशन प्रक्रिया शुरू की गई। जीएडी ने 30 जून को सभी विभागों को महाधिवक्ता की कानूनी राय के आधार पर पदोन्नति प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया गया कि यदि हाईकोर्ट रोक लगाने का आदेश देगा तो प्रक्रिया तत्काल रोक दी जाएगी।
हाईकोर्ट में सुनवाई टलती रही, प्रमोशन जारी रहे
प्रमोशन में आरक्षण से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने 7 जुलाई के बाद अब तक तीन बार सुनवाई की तारीख आगे बढ़ाई है। चूंकि अदालत ने फिलहाल कोई रोक नहीं लगाई है, इसलिए विभाग लगातार प्रमोशन आदेश जारी कर रहे हैं। मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को प्रस्तावित है।
कर्मचारी संगठनों ने उठाए सवाल
सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संस्था के अध्यक्ष डॉ. के.एस. तोमर का आरोप है कि सरकार ने पहले हाईकोर्ट में अंतिम निर्णय तक प्रमोशन रोकने का आश्वासन दिया था। ऐसे में प्रक्रिया शुरू करना अदालत की अवमानना के दायरे में आ सकता है। कर्मचारी संगठन अब हाईकोर्ट के अंतिम फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
2016 से अटका है पदोन्नति विवाद
कर्मचारियों की पदोन्नति से जुड़ा मामला वर्ष 2016 से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। इस दौरान एक लाख से अधिक कर्मचारी बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं। राज्य सरकार ने 17 जून 2025 को मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम-2025 को मंजूरी दी थी, लेकिन नए नियमों को चुनौती मिलने के बाद मामला हाईकोर्ट पहुंच गया।
पहली शुरुआत विधानसभा सचिवालय से
प्रदेश में प्रमोशन प्रक्रिया की शुरुआत 1 जुलाई को विधानसभा सचिवालय द्वारा 12 कर्मचारियों के पदोन्नति आदेश जारी करने से हुई। इसके बाद विभिन्न विभागों ने डीपीसी बैठकों के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों को क्रमवार पदोन्नति देना शुरू किया।
15 अगस्त की तैयारियों से बैठक टली
राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में होने वाले राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों के कारण 29 जुलाई को प्रस्तावित उच्चस्तरीय बैठक स्थगित कर दी गई है। अब मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल 3 अगस्त को संबंधित विभागों और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे।
