
- मप्र के कॉलेजों में हुए 4.89 लाख दाखिले
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश के सरकारी और निजी कॉलेजों में इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया ने पिछले चार वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। उच्च शिक्षा विभाग की नई ई-प्रवेश प्रणाली, समय से शुरू हुई प्रवेश प्रक्रिया और कॉलेज स्तर पर आयोजित प्रवेश मेलों के कारण अब तक 4 लाख 89 हजार 169 छात्र-छात्राओं ने दाखिला ले लिया है। प्रवेश प्रक्रिया 31 जुलाई तक जारी रहने के कारण इस बार कुल प्रवेश 5 लाख का आंकड़ा पार करने की उम्मीद है। विभाग के अनुसार अब तक प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों में स्नातक (यूजी) के 3,38,148, स्नातकोत्तर (पीजी) के 1,04,455 तथा एनसीटीई से संबद्ध बीएड, एमएड, बीपीएड सहित अन्य पाठ्यक्रमों में 46,566 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। इन सभी विद्यार्थियों ने फीस भी जमा कर दी है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अब तक 73,514 अधिक विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, जबकि 2023-24 की तुलना में यह संख्या 1,68,015 अधिक है। इस वर्ष 12वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम अप्रैल में ही घोषित कर दिया गया था। इसके तुरंत बाद उच्च शिक्षा विभाग ने अप्रैल के अंत में ही कॉलेजों की प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी। समय पर शुरू हुई प्रक्रिया का सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिला और प्रवेश संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।
31 जुलाई तक जारी रहेगी प्रवेश प्रक्रिया
कॉलेज लेवल काउंसिलिंग (सीएलसी) के तहत प्रवेश 31 जुलाई तक जारी रहेंगे। विभाग ने सभी कॉलेजों को अंतिम तिथि तक हेल्प सेंटर सक्रिय रखने और प्रत्येक पात्र विद्यार्थी तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग का उद्देश्य है कि कोई भी विद्यार्थी जानकारी के अभाव, तकनीकी समस्या या प्रक्रिया संबंधी कठिनाई के कारण उच्च शिक्षा से वंचित न रह जाए।
7.18 लाख विद्यार्थियों ने कराया पंजीयन
ई-प्रवेश पोर्टल पर अब तक 7,18,386 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया है। इनमें से 6,31,854 आवेदकों के दस्तावेजों का ऑनलाइन सत्यापन भी पूरा हो चुका है। इस बार विभाग की ई-प्रवेश प्रणाली पूरी तरह पोर्टल और मोबाइल एप आधारित रही। विद्यार्थियों ने घर बैठे ही पंजीयन, दस्तावेज अपलोड, ऑनलाइन सत्यापन, कॉलेज और विषय का चयन, सीट आवंटन तथा शुल्क भुगतान जैसी पूरी प्रक्रिया पूरी की। इससे न केवल समय और खर्च की बचत हुई बल्कि विद्यार्थियों को बार-बार कॉलेज या कियोस्क के चक्कर भी नहीं लगाने पड़े।
प्रवेश मेलों से बढ़ी रफ्तार
कॉलेज लेवल काउंसिलिंग (सीएलसी) के अतिरिक्त चरण में सरकारी और निजी कॉलेजों में प्रवेश मेला अभियान चलाया गया। इन मेलों में विद्यार्थियों को एक ही स्थान पर पंजीयन, चॉइस फिलिंग, दस्तावेज सत्यापन, सीट आवंटन, शुल्क भुगतान और प्रवेश संबंधी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। हेल्प डेस्क के माध्यम से विद्यार्थियों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया गया। जिन विद्यार्थियों ने दस्तावेज सत्यापन के बाद शुल्क जमा नहीं किया था, उनसे व्यक्तिगत संपर्क कर प्रवेश प्रक्रिया पूरी कराई गई। जिन पाठ्यक्रमों में सीटें खाली थीं, वहां विषय चयन और विकल्प संशोधन में भी मार्गदर्शन दिया गया। उच्च शिक्षा विभाग ने इस बार प्रदेशभर के कॉलेजों में हेल्प सेंटर स्थापित किए, जो 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन संचालित रहे। जिला और संभाग स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग तथा तकनीकी सहायता की व्यवस्था भी की गई, जिससे प्रवेश प्रक्रिया अधिक छात्र-अनुकूल बनी।
