
- राजधानी में लोकायुक्त पुलिस की बड़ी कार्रवाई
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। राजधानी के एमपी नगर इलाके में स्थित एक पेट्रोल पंप के संचालक से एक लाख की रिश्वत लेते नापतौल विभाग के रिटायर इंस्पेक्टर को लोकायुक्त की टीम ने गुरुवार शाम रंगे हाथों धर दबोचा। जांच एजेंसी से मिली जानकारी के अनुसार बीपी भोपाल सिटी पेट्रोल पंप के संचालक अमित सिंह बघेल ने लोकायुक्त एसपी भोपाल सुनील कुमार पाटीदार को पिछले माह की 24 तारीख को दी शिकायत में कहा था कि नापतौल विभाग के प्रभारी उप नियंत्रक नसीमुद्दीन ने उनके पेट्रोल पंप पर जांच के दौरान तीन नोजल सील कर दिए थे। इस मामले को रफा-दफा करने और स्टैम्पिंग की प्रक्रिया पूरी करने के बदले नसीमुद्दीन ने उनसे 4 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी और पहली किस्त के रूप में एक लाख की राशि रिटायर इंस्पेक्टर हरिप्रसाद पटेल को देने की बात कही थी। लोकायुक्त पुलिस ने ट्रैप का प्लान बनाया । नसीमुद्दीन के कहने पर हरिप्रसाद पटेल ने जैसे ही बोर्ड ऑफिस चौराहे के पास स्थित इंडियन कॉफी हाउस के सामने 1 लाख रुपये लिए, वैसे ही पहले से तैनात डीएसपी अजय मिश्रा, निरीक्षक कविंद्र चौहान और रजनी तिवारी की टीम ने उसे दबोच लिया। हालांकि इस दौरान हरिप्रसाद ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उसे पकड़ लिया और रिश्वत के नोट भी बरामद कर लिए।
टीम को देखते ही सकपका गया नसीमुद्दीन: रंगे हाथों पकड़ने के बाद लोकायुक्त की टीम हरिप्रसाद को गिरफ्त में लेने के बाद नापतौल विभाग के कार्यालय पहुंची, जहां नसीमुद्दीन अपनी घूस की रकम का इंतजार कर रहा था। यहां लोकायुक्त की टीम को देखते ही उसके होश उड़ गए। नसीमुद्दीन ने पहले तो हरिप्रसाद से किसी भी तरह के संबंध होने से इनकार कर खुद को बचाने का प्रयास किया, लेकिन लोकायुक्त के पास पहले से ही ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य पुख्ता सबूत मौजूद थे। इसके बाद टीम ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि हरिप्रसाद करीब चार साल पहले नापतौल विभाग से इंस्पेक्टर के पद से रिटायर हो चुका था, लेकिन वह नसीमुद्दीन के साथ मिलकर अवैध वसूली और रिश्वतखोरी का गिरोह चला रहा था।
नसीमुद्दीन की प्रॉपर्टी की भी होगी जांच
लोकायुक्त टीम को यह भी जानकारी मिली है कि नसीमुद्दीन का मूल पद भी नापतौल निरीक्षक का है, लेकिन वह उप नियंत्रक का प्रभार भी संभाल रहा है। नसीम ने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है, जिसमें पुराने भोपाल में बना एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स भी शामिल है। अब लोकायुक्त पुलिस उसकी पूरी प्रॉपर्टी की भी जांच करेगी। इस पूरे घटनाक्रम की सूचना नापतौल विभाग के नियंत्रक को भी दे दी गई है ताकि आरोपी अधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी की जा सके।
