
- निगरानी व्यवस्था को ज्यादा बेहतर बनाने किया अभ्यास
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। राजधानी में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के तहत थानों में अब केरलम राज्य की तर्ज पर एक जुलाई से व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब एक थाने को दो भागों में बांटा गया है। इसका प्रयोग मिसरोद थाने से शुरू किया जा रहा है। पहले उत्तर प्रदेश पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली की तकनीक अपनाई गई थी। उसके बेहतर परिणाम नहीं मिलने पर इसे प्रभावी किया जा रहा है। मिसरोद थाने में मंगलवार विमल राय निरीक्षक होने आदेश हुए। वे विदिशा जिले से भोपाल आए हैं। इससे पहले थाने का प्रभारी रतन सिंह परिहार के पास था। दोनों एक ही बैच के राज्य पुलिस सेवा अधिकारी हैं। राय 25 दिन वरिष्ठ हैं। थाने को दो हिस्सों में बांटा गया है। इसके लिए नर्मदापुरम सडक़ को आदर्श मानकर एक तरफ का हिस्सा विमल राय तो दूसरी तरफ का हिस्सा रतन सिंह परिहार को सौंपा गया है। यह आदेश फिलहाल मौखिक हुए हैं लेकिन दोनों निरीक्षकों को पुलिस उपायुक्त जोन-2 विकास शहवाल की तरफ से समझा दिया गया है। नई कार्य योजना में दोनों निरीक्षकों को छह-छह बीट बांटी जा रही है। इससे तीन महीना पूर्व शहर में उत्तर प्रदेश राज्य का पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली को अपनाया गया था।
पुलिस महानिदेशक की पहल
माइक्रो बीट को लेकर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने जनवरी, 2025 में अध्ययन रिपोर्ट कराई थी। जिसके बाद इस व्यवस्था को लागू करके कुछ अपराधों की जांच के अधिकार सिपाही से लेकर एएसआई को सौंपने का निर्णय हुआ था। इसके लिए प्रदेश के टियर वन सिटी के एक-एक थाने को चिन्हित किया गया था। इसी रिपोर्ट के आधार पर अब इसे व्यापक बनाया जा रहा है।
