
ओडिशा हाईकोर्ट में एक पति ने याचिका दायर कर अपने पत्नी को खोज निकालने की गुहार लगाई, लेकिन केस की सुनवाई के समय हाई कोर्ट को पता चला कि, पति-पत्नी के बीच मतभेद और कलह थी। जिसके चलते पत्नी घर छोडक़र चली गई थी। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस हरीश टंडन और न्यायाधीश जस्टिस एमएस रमण की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान दो टूक शब्दों में कहा-पत्नी पति की संपत्ति नहीं है। इसके साथ ही पति लंबोदर पात्र की याचिका को हाईकोर्ट खारिज कर दिया है। हाई कोर्ट ने कहा-पत्नी सवालिक है। वह इस संबंध में खुद निर्णय ले सकेगी। इसलिए पत्नी को पति की संपत्ति नहीं कहा जा सकेगा। अगर पत्नी पति को छोडक़र जाना चाहती है तो, इस क्षेत्र में हाई कोर्ट उनके अदालत में आने के लिए या फिर उनके पति के घर पर हाजिर होने के लिए नहीं कह सकेगा। पति-पत्नी के बीच मतभेद की बात याचिका से पता चली, लेकिन याचिकाकर्ता ठीक उद्देश्य से अदालत नहीं आने पर हाई कोर्ट ने उसके ऊपर 50 हजार रुपए की जुर्माना लगाया है।
