
- सीएम ने आईजी कॉन्फ्रेंस में प्रदेश पुलिस के कार्यों की सराहना
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पुलिस मुख्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय आईजी कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, साइबर अपराधों पर नियंत्रण और महिला-बाल सुरक्षा को पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों का पुलिस पर विश्वास बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है और पीडि़तों के साथ संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित किया जाना चाहिए। कॉन्फ्रेंस के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने हाल ही में एटीएस द्वारा की गई कार्रवाई का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने आतंकवादियों के एक सहयोगी को पकडक़र उसके नेटवर्क का खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि हमारी पुलिस बिल में छिपे ऐसे सपोलों को भी पकडऩे में समर्थ है और किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में मध्यप्रदेश पुलिस ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता का उल्लेख करते हुए कहा कि मंडला, बालाघाट और डिंडोरी जैसे क्षेत्रों में वर्षों से विकास में बाधा बने नक्सलवाद का प्रभाव समाप्त करने में पुलिस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने इसके लिए पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व का भी उल्लेख किया। डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में साइबर अपराध, मानव तस्करी, सडक़ दुर्घटनाएं और महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा जैसी नई चुनौतियां सामने हैं। इनसे निपटने के लिए सरकार संसाधन बढ़ा रही है और पुलिस बल को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पुलिस भर्ती अभियान लगातार जारी है और सरकार का प्रयास है कि पुलिस विभाग में कोई पद रिक्त न रहे। मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं के इस महापर्व में मध्यप्रदेश पुलिस अपनी संवेदनशीलता, सतर्कता और सेवा भाव से देश-दुनिया के सामने आदर्श व्यवस्था का उदाहरण पेश करेगी।
पुलिस को बनाया जा रहा तकनीक-संपन्न
मकवाणा ने बताया कि बाल सुरक्षा एवं बाल संरक्षण के क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर गत एक वर्ष के दौरान 14 हजार से अधिक नाबालिगों को संरक्षण एवं सहायता प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि नई आपराधिक न्याय प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन, साइबर अपराध नियंत्रण तथा बढ़ते कार्यभार को देखते हुए पुलिस व्यवस्था को और अधिक सक्षम, आधुनिक तथा तकनीक-संपन्न बनाया जा रहा है। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि सडक़ सुरक्षा, साइबर सुरक्षा एवं नशे के विरुद्ध अभियान विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
हर साल भर्ती की प्रक्रिया जारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार भारत सरकार के नए आपराधिक कानूनों को लागू करते हुए और सभी जरूरी संसाधन जुटाते हुए पुलिस भर्ती प्रक्रिया को जारी रख रही है। अब तक पुलिस विभाग में 22 हजार अलग-अलग पदों पर भर्ती की जा चुकी है। राज्य सरकार हर साल भर्ती करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंधन कर रही है। हमारा प्रयास है कि स्वीकृत पदों में से कोई भी पद खाली न रहे। विकास के क्रम में पुलिस अपनी पूरी क्षमता से सुशासन और प्रदेशवासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए कार्य करे।
त्रैमासिक समीक्षा की नई व्यवस्था शुरू
कॉन्फ्रेंस में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने कहा कि पुलिस मुख्यालय द्वारा मैदानी पुलिस कार्यों की त्रैमासिक समीक्षा की नई व्यवस्था शुरू की गई है, जिससे शासन की प्राथमिकताओं और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप पुलिस कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित होगी। उन्होंने बताया प्रदेश में डायल-112 सेवा, अपराध नियंत्रण, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध नियंत्रण तथा नई आपराधिक न्याय प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
