मप्र पुलिस में तीन साल में 22 हजार भर्तियां

मप्र पुलिस
  • सीएम मोहन यादव का बड़ा ऐलान

    भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश में पुलिस बल की क्षमता बढ़ाने और कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने अगले तीन वर्षों में 22 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती का बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित आईजी कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया एकमुश्त नहीं बल्कि हर वर्ष नियमित रूप से संचालित की जाएगी, ताकि पुलिस बल में रिक्त पदों की समस्या समाप्त हो और बढ़ती चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। 22 हजार नई भर्तियों की घोषणा को प्रदेश पुलिस के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे एक ओर जहां थानों और पुलिस इकाइयों में मानव संसाधन की कमी दूर होगी, वहीं कानून-व्यवस्था, साइबर सुरक्षा और आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से निपटने की क्षमता भी बढ़ेगी। राज्य सरकार इसे आने वाले वर्षों की सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा मान रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश तेजी से विकास कर रहा है और इसके साथ कानून-व्यवस्था की चुनौतियां भी बदल रही हैं। ऐसे में आधुनिक, प्रशिक्षित और पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि लंबे अंतराल के बाद राज्य में सब-इंस्पेक्टर भर्ती प्रक्रिया भी शुरू की गई है, जिससे पुलिस नेतृत्व की नई पीढ़ी तैयार होगी।
    राष्ट्रविरोधी नेटवर्क पर सख्त संदेश
    मुख्यमंत्री ने हाल ही में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा उजागर किए गए एक संदिग्ध नेटवर्क का उल्लेख करते हुए कहा कि यह ऐसा गिरोह था, जो पाकिस्तान के इशारों पर काम कर देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता था। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते इस नेटवर्क को ध्वस्त कर बड़ी साजिश को विफल किया गया। डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस केवल सामने दिखने वाले अपराधियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि समाज और देश के खिलाफ छिपकर काम करने वाले तत्वों को भी खोज निकालेगी। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान कुछ कट्टरपंथी साहित्य भी बरामद हुआ है, जिसकी पड़ताल जारी है। भोपाल में पाकिस्तानी हैंडलर्स से कथित संपर्क रखने वाले युवक फराज की गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देशविरोधी गतिविधियों में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
    बदलती चुनौतियों के अनुरूप पुलिसिंग
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस का सबसे बड़ा दायित्व नागरिकों में सुरक्षा और न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास बनाए रखना है। उन्होंने अधिकारियों को साइबर अपराधों पर नियंत्रण, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, मानव तस्करी की रोकथाम तथा संगठित अपराध के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और पुलिस को तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनाना समय की मांग है। इसके लिए विशेष प्रशिक्षण और संसाधनों पर भी ध्यान दिया जाएगा।
    सडक़ सुरक्षा और धार्मिक स्थलों पर निगरानी
    आईजी कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री ने सडक़ दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने को कहा। उन्होंने धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग संबंधी न्यायालय के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और न्यायालय के निर्देशों का पालन कराना प्रशासन और पुलिस दोनों की जिम्मेदारी है।
    सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर भी फोकस
    मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन में होने वाला सिंहस्थ-2028 प्रदेश के लिए एक बड़ा आयोजन होगा। लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्थाओं के लिए अभी से योजनाबद्ध तैयारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के दौरान मध्यप्रदेश पुलिस सेवा, अनुशासन और दक्षता का आदर्श प्रस्तुत करेगी।

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