
बिच्छू डॉट कॉम। विकास के नाम पर आदिवासी जिलों में जबरन अधिग्रहण की जा रही जमीनों को बचाने के लिए कांग्रेस संघर्ष करेगी। शनिवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आदिवासी कांग्रेस कार्यकारिणी और जिला अध्यक्षों की बैठक प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने यह बात कही। बैठक के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच बार-बार हो रही हंसी ठिठौली चर्चाओं में रही। पटवारी ने बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि राज्य और केंद्र की सरकार ने 1.26 लाख हेक्टेयर भूमि 25 साल में निजी लोगों को बेच दी है। सिंगरौली, उमरिया, झाबुआ, रतलाम, धार, पन्ना, छतरपुर में आदिवासियों की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस लड़ाई का नए सिरे से शंखनाद करेगी। इसके लिए रणनीति बनाने की जिम्मेदारी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल, विधायक विक्रांत भूरिया को सौंपी गई है। वे जो रणनीति बनाएंगे, उस पर कांग्रेस पार्टी काम करेगी। आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया, पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, पूर्व मंत्री बाला बच्चन मौजूद रहे।
