सरिस्का: 56 बाघों से गुलजार हुआ जंगल

  • आशीष
सरिस्का

देश की राजधानी दिल्ली से सबसे नजदीक सरिस्का टाइगर रिजर्व एक बार फिर से गुलजार हो चुका है। राजस्थान के अलवर जिले में स्थित इस टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या अब 56 हो चुकी है। जबकि, एक वक्त ऐसा भी था, जब यहां से बाघ पूरी तरह से विलुप्त हो गए थे। मई के अंतिम दिनों में खुशखबरी आई कि जंगल के तालवक्ष और अकबरपुर रेंज में मौजूद दो बाघिनों को अपने कुल सात शावकों के साथ देखा गया। वन विभाग और जंगल प्रेमियों के लिए यह खुशखबरी ऐसी फैली कि सोशल मीडिया पर इनकी तस्वीर और वीडियो वायरल हो गए।
सबसे पहले बाघिन एसटी-22 की। 25 मई को सबसे पहले यह बाघिन अपने दो शावकों से दिखी। अब वन विभाग ने पुष्टि करते हुए बताया कि एसटी-22 को दो नहीं, तीन शावकों के साथ देखा गया है। यह अपने शावकों के साथ तालवृक्ष रेंज में सक्रिय है। इसी तरह बाघिन एसटी-17 मार्च को 3 शावकों से साथ नजर आई थी। अब इसे 4 शावकों के साथ देखा गया है। इस बाघिन का इलाका अकबरपुर रेंज में है। सभी शावकों की संख्या को जोड़ दिया जाए तो सरिस्का में बाघों की कुल आबादी 56 हो गई है। इनमें 11 वयस्क बाघ, 17 बाघिन और 28 शावक हैं। सरिस्का में पिछले कुछ बरसों में पर्यटकों की संख्या में भी अच्छा खासा इजाफा देखने को मिला है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के निर्माण और सोशल मीडिया के कारण देश-दुनिया से लोग यहां जंगल का दीदार करने पहुंच रहे हैं।
दिल्ली और आसपास के जिलों में रहने वालों के लिए सरिस्का वीकेंड में रिलेक्स करने का सबसे अच्छा विकल्प के तौर पर उभर कर सामने आया है। इसके अलावा, सरिस्का टाइगर रिजर्व के आसपास लक्जरी रिजार्ट बनने से भी लोगों की यहां आने की चाहत बढ़ी है। उत्सव कैंप, सरिस्का लॉज, सरिस्का टाइगर हैवन और वन बाग जैसे रिजॉर्ट पर्यटकों का स्वागत करने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। मानसून में अपनों के साथ वक्त बिताने के लिए सरिस्का एक बेहतर ऑप्शन है। तो जब भी बारिश में अरावली के पहाड और जंगल भीगें तो सरिस्का का रूख जरूर करें।

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