सालाना 3 लाख करोड़ खर्च मिलान के लिए ग्वालियर की दौड़ खत्म

अब हर साल खर्च होने वाले 3 लाख करोड़ रुपए के सरकारी खर्चे का मिलान करने अफसरों और बाबुओं की टीम को महालेखाकार कार्यालय ग्वालियर नहीं जाना पड़ेगा। इस खर्च के मिलान में अभी तक महीने भर के समय लग जाता था, नई व्यवस्था के तहत जब ऑनलाइन व्यवस्था में यह काम दफ्तर से ही घर बैठे हो रहा है तो इसके लिए एजीएमपी जाने की क्या जरूरत है। वह भी सरकारी खर्चे टीए-डीए पर। यह राशि 100 करोड़ रुपए से ज्यादा होती है। वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर सरकार के सभी विभागों को अपने साल भर के खर्चों का मिलान महालेखाकार कार्यालय के रिकॉर्ड से करना होता है। पहले इस काम के लिए विभागों के अधिकारी और बाबू फाइलों का पुलिंदा लेकर हफ्तों ग्वालियर में डेरा डालते थे।

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