
मप्र हाईकोर्ट ने बुधवार को वह जनहित याचिका वापस लेने पर खारिज कर दी है, जिसमें छतरपुर की छत्रसाल यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार को वित्तीय अधिकारों का इस्तेमाल करने से रोकने की मांग की गई थी। जस्टिस द्वारकाधीश बंसल और जस्टिस बीपी शर्मा की वेकेशन बेंच ने याचिकाकर्ता को कहा है कि यदि रजिस्ट्रार यशवंत सिंह पटेल के रवैये से वो व्यथित हैं, तो उस बारे में नई याचिका दाखिल करने स्वतंत्र हैं। इस निर्देश के साथ बेंच ने जनहित याचिका का निराकरण कर दिया। बुन्देलखण्ड यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र सचिन सिंह चौहान की ओर से दायर इस जनहित याचिका में तत्कालीन कुलपति शुभा तिवारी, रजिस्ट्रार यशवंत सिंह पटेल पर अनियमित्ताओं के आरोप लगाए थे। याचिका में आरोप था कि यूनिवर्सिटी में बड़े पैमाने पर हुए कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मद्देनजर राज्य सरकार ने पिछले साल धारा 52 (अधिनियम 1973) लागू की थी।
