
मध्य प्रदेश सरकार करीब 26 साल बाद सिविल सेवा के अधिकारियों- कर्मचारियों के आचरण नियम नए सिरे से निर्धारित कर रही है। इसमें यह प्रावधान किया जा रहा है कि कोई भी अधिकारी अपने मूल वेतन से अधिक राशि का उपहार एक बार में नहीं ले सकेगा। इसका मतलब यह भी नहीं है कि वह बार-बार कार्यक्रम आयोजित कर उपहार ले सकेगा। इसके लिए अधिकतम सीमा भी निर्धारित होगी। वहीं, छह माह के मूल वेतन से अधिक राशि का निवेश करने पर अपने प्रशासकीय विभाग को सूचना देनी होगी। इस तरह के अन्य प्रविधान भी प्रस्तावित किए गए हैं। मुख्य सचिव मप्र की अध्यक्षता में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में प्रस्ताव को अंतिम निर्णय के लिए कैबिनेट के समक्ष रखने के निर्देश दिए गए। मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम वर्ष 1965 में बने थे और इनमें आखिरी बार वर्ष 2000 में संशोधन किया गया था।
