
बिच्छू डॉट कॉम। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने भिंड और दतिया में सिंध नदी में कथित अवैध और मशीनीकृत रेत खनन पर राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह की याचिका पर श्योकुमार सिंह और एक्सपर्ट सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने स्थानीय पुलिस की कथित मिलीभगत की जांच के निर्देश भी दिए हैं। जस्टिस एनजीटी ने सीपीसीबी, मप्र पर्यावरण विभाग और मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की संयुक्त समिति बनाई है। समिति छह सप्ताह में मौके का निरीक्षण कर फैक्चुअल और एक्शन टेकन रिपोर्ट देगी। एमपी-पीसीबी नोडल एजेंसी होगी। अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी। याचिका में दावा किया गया है कि सिंध किनारे भिंड के 18 और दतिया के 6 गांवों में भारी अर्थ-मूविंग मशीनों और सक्शन-ड्रेजिंग उपकरण लगी नावों से रेत निकाली जा रही है। यह खनन वैध जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट और पर्यावरणीय मंजूरी के बिना होने का आरोप है।
