
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है। सुरक्षित मातृत्व, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं की समय पर उपलब्धता एवं तकनीक आधारित स्वास्थ्य मॉनिटरिंग से प्रदेश सरकार महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए प्रभावी पहल कर रही है। सुमन हेल्प डेस्क एवं इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर इसी प्रतिबद्धता के क्रम में प्रदेश में सुरक्षित मातृत्व सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सुमन हेल्प डेस्क स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने, शिकायतों के त्वरित समाधान, समयबद्ध रेफरल एवं सतत निगरानी के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत आधार प्रदान कर रही है। सुरक्षित मातृत्व आश्वासन (सुमन) हेल्प डेस्क व्यवस्था प्रदेशभर में गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं एवं उनके परिवारों के लिए भरोसेमंद सहायक प्रणाली बनकर उभरी है। राज्य में प्रारंभिक रूप से 57 स्वास्थ्य संस्थाओं से शुरू हुई यह व्यवस्था अब विस्तारित होकर 55 जिला चिकित्सालयों, 10 शासकीय मेडिकल कॉलेजों तथा एम्स भोपाल तक पहुंच चुकी है।
