मप्र पुलिस को अनुसूचित जनजाति आयोग ने लगाई कड़ी फटकार

  • मोनालिसा प्रकरण…

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने मोनालिसा प्रकरण में मप्र पुलिस की उदासीनता को देखते हुए कड़ी फटकार लगाई है। नाबालिग जनजाति लडक़ी के अपहरण और उत्पीडऩ मामले में अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य की अध्यक्षता में यह सुनवाई कर रहा है। आयोग के सलाहकार व पूर्व न्यायाधीश प्रकाश उईके उपस्थिति में चली इस सुनवाई में केरल के पुलिस महानिदेशक और खंडवा पुलिस अधीक्षक के साथ पीडि़ता के माता-पिता पेश हुए थे। बीते रोज हुई इस सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश पुलिस ने वस्तुस्थिति स्पष्ट करते हुए आयोग को बताया कि मामले में मुख्य अभियुक्त फरमान की गिरफ्तारी पर केरल उच्च न्यायालय द्वारा अस्थायी ऐक लगाई गई है। जिस पर आयोग द्वारा केरल उच्च न्यायालय के आदेशों का अवलोकन कर गंभीरता से कार्रवाई करने के मप्र पुलिस को निर्देश दिए हैं। साथ ही इस बात पर नाराजगी जताई है कि चार बार जवाब तलब करने के बाद भी मध्य प्रदेश पुलिस आज तक केरल उच्च न्यायालय को मामले की वास्तविकता बताने में असफल रही है।
आयोग इसलिये भी नाराज
प्रकरण की सुनवाई के दौरान आयोग की नाराजगी इसलिये आई कि वायरल गर्ल के पासपोर्ट के आधार पर उसका लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया है किंतु आरोपी फरमान का कोई लुकआउट नोटिस अभी तक जारी नहीं किया गया है। मध्य प्रदेश पुलिस को केरल उच्च न्यायालय द्वारा जवाब हेतु दिनांक 23.03.2026 से निरंतर जवाब मांगा जा रहा है किंतु मध्य प्रदेश पुलिस की लापरवाही पूर्ण रवैये से मामले में विलंब हो रहा है। केरल पुलिस को निर्देश दिए गए की वह मामले में जनजाति नाबालिक लडक़ी को खोजने में एवं आरोपी को गिरफ्तार करने में पूरी सहायता करेंगे। इस प्रकरण में केरल पुलिस की ओर से उपस्थित प्राधिकारियों ने मध्य प्रदेश पुलिस को हर संभव मदद उपलब्ध कराने का वायदा किया है।

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