- सर्वे के अलावा इस श्रेणी में 200 अंक अलग से तय

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के तहत होने वाले सर्वे के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास ने नदियों और घाट किनारे शहरों के लिए गाइडलाइन जारी की है। इसमें नदी किनारे बसे शहरों को भी शामिल किया गया है। इनके घाटों की सफाई के लिए सर्वेक्षण में 200 नंबर अलग से तय किए गए हैं। इस नई गाइडलाइन में मध्यप्रदेश के 73 शहरों के 106 घाट चिंहित किए गए हैं। इस संबंध में नगरीय प्रशासन विभाग ने निकायों को निर्देश जारी कर दिए हैं। यह पहली बार है जब रिवर टाउन असेसमेंट (नदी शहर मूल्यांकन) घटक का अलग से सर्वे होगा। ऐसे में नदी किनारे बने घाटों की सफाई और रखरखाव निर्भर करेगा कि आपके शहर की रैंकिंग कैसी है। गंगा टाउन से रिवर टाउन का विस्तार विषय का एक हिस्सा है।
कचरा कम करने के लिए हमें अधिक से अधिक प्रयास करना होंगे
महापौर मालती राय ने कहा है कि कचरा उत्सर्जन को कम करने के लिए हमें ज्यादा प्रयास करना होंगे। प्लास्टिक डिस्पोजल्स एवं प्लास्टिक की छोटी बाटल जैसी चीजों को कम करते हुए रीयूजेबल कटलरी का अधिक उपयोग करना होगा, ताकि कचरे का उत्सर्जन कम किया जा सके। यह बात मालती ने आईएसबीटी के समीप स्थित होटल राजहंस में कचरा पृथक्कीकरण पर आयोजित प्रशिक्षण सह कार्यशाला में कही। कचरा अलग-अलग रखेंगे हम, भोपाल बनेगा नंबर-1 के संकल्प के साथ प्रशिक्षण सह कार्यशाला सम्पन्न हुई।
गीला-सूखा व अन्य कचरा अलग-अलग होने पर संसाधन के रूप में आता है वापस
महापौर मालती ने कहा कि जब गीला-सूखा व अन्य कचरा अलग-अलग जाता है तो यह संसाधन के रूप में वापस आता है। महापौर राय ने कहा कि भोपाल के रेस्टोरेंट्स, ढाबे और होटलों में भी यह प्रशिक्षण दिया जाए। इस दौरान निगम की स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर स्वच्छता किटी ग्रुप की सदस्यों ने 6 अलग-अलग प्रकार के डस्टबिन के उपयोग के संबंध में जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान होटल संचालक व अन्य स्टाफ सहित निगम के स्वच्छता कार्य में सहयोगी भी मौजूद थे।
भोपाल संभाग में नदी किनारे 9 नगरीय निकाय
शहरों की सूची में 20 हजार से कम जनसंख्या वाले शहरों को भी शामिल किया गया है। वहीं इंदौर, भोपाल और जबलपुर जैसे शहर इसमें प्रमुख हैं। भोपाल संभाग के सीहोर जिले की बुधनी, शाहगंज, सीहोर, आष्टा, राजगढ़ जिले की खिलचीपुर, विदिशा की कुरवाई, गंजबासौदा, बैरसिया और रायसेन जिले की बैगमगंज निकाय नदी किनारे बसी हैं। जिसमें करीब 11 घाट हैं। – भोपाल संभाग में नदी किनारे 9 नगरीय निकाय हैं और 11 घाट हैं।
नदी संरक्षण को बढ़ावा
इसका उद्देश्य नदी संरक्षण, सफाई और कचरा प्रबंधन में सुधार करना है। इससे सफाई के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा मिलेगा। इसमें प्रदेश के 10 संभागों के 106 घाटों को चिन्हित किया गया है। स्वच्छता के लिए होने वाले सर्वेक्षण में नदी-तालाबों का संरक्षण महत्वपूर्ण होगा। शहरों का मूल्यांकन कचरा प्रबंधन प्रणाली, सीवेज निपटान और नदी के किनारों की समग्र सफाई पर निर्भर होगा।
