- दिल्ली से भोपाल आई सूची, दो दर्जन नेताओं के नाम फाइनल

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मप्र में चार आयोगों में राजनीतिक नियुक्ति के बाद अब निगम-मंडल की सूची जल्द आ सकती है। जानकारी के मुताबिक कई दौर की बैठकों के बाद इस सूची पर राष्ट्रीय नेतृत्व की मुहर लग चुकी है। निगम-मंडलों को लेकर लंबे समय से इंतजार कर रहे नेताओं की आस पूरी हो सकती है। पिछले दिनों सीएम ने भाजपा के पदाधिकारियों की बैठक में जल्द नियुक्तियां होने के संकेत देते हुए कहा था कि निगम मंडलों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष समेत सदस्यों की नियुक्ति एक साथ की जाएगी। आज जारी दो आदेशों में अध्यक्ष के साथ सदस्यों की भी नियुक्ति की गई है। महिला और बाल संरक्षण आयोग में एक दो दिन में नियुक्ति के आसार हैं। वहीं जिन नेताओं के नाम चर्चा में हैं उनमें चेतन सिंह, विनोद गोटिया, संजय नगायच शामिल हैं। जानकारी के अनुसार सत्ता और संगठन के बीच चले लंबे मंथन और फिर उसके बाद कोर ग्रुप की बैठक में दो दर्जन नामों पर सहमति बन चुकी है। इन नेताओं के नामों की सूची केंद्रीय नेतृत्व को भेजी गई थी। वहां से हरी झंडी मिल चुकी है। बताया जाता है कि केंद्रीय नेतृत्व ने सत्ता और संगठन से अपने हिसाब से निर्णय लेने को कहा है। निगम मंडल, प्राधिकरणों और आयोगों में नियुक्ति को लेकर लंबे समय से बैठकों का दौर चल रहा है। भाजपा के कोर ग्रुप की बैठक में भी यह मामला उठा था, तब राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने कहा था कि इस मसले पर अध्यक्ष से बात करें। प्रदेश के दो दर्जन से अधिक निगम-मंडलों और विकास प्राधिकरणों में राजनीतिक नियुक्तियां होनी हैं। इनमें अध्यक्ष से लेकर उपाध्यक्ष और सदस्य शामिल हैं।
नामों को लेकर सीएम- अध्यक्ष में चर्चा
निगम मंडल की जो सूची फाइनल हुई है, उसमें 32 नाम होने की चर्चा प्रदेश भाजपा कार्यालय में सरगर्म है। कई दावेदार प्रदेश कार्यालय के सम्पर्क में रहे। संगठन के एक नेता ने बताया कि दो दर्जन निगम मंडल और प्राधिकरणों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों के नाम तय हो चुके हैं। सूची जल्द ही जारी कर दी जाएगी। इसे लेकर सीएम हाउस में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बीच एकांत में लंबी चर्चा का दौर चला। दोनों नेताओं के बीच हुई मंत्रणा से दावेदारों की उम्मीदें जग गई है। वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा को सत्ता में रहते हुए मध्य प्रदेश में दो दशक से भी ज्यादा का समय हो चुका है। इतने लंबे समय में जो स्वाभाविक चुनौती आती है। वो पार्टी के भीतर से ही आती है। विरोध को संभालना और सही चुनाव सबसे मुश्किल है क्योंकि जितना लंबा उतना इंतजार होता है अपेक्षाएं भी वैसी ही हो जाती हैं। लेकिन जिस तरह से हेमंत खंडेलावाल ने संगठन में मेहनत और अनुभव दोनों का घालमेल बनाते हुए अपनी टीम खड़ी की है। उम्मीद की जा रही है कि निगम मंडल के नामों भी में न्याय ही होगा। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी कहते हैं, निगम मंडल की सूची का विषय सरकार संगठन के समन्वय का होता है। सही समय पर सही निर्णय करते हैं। भाजपा में इतने योग्य और पात्र कार्यकर्ता हैं जिन्हें दायित्व दिया जाता है। और कार्यकर्ता अपने दायित्व का निर्वहन करते हैं। तो अगर सूची है तो तो आप सबके सामने आएगी। जिस कार्यकर्ता को दायित्व मिलेगा वो इसका निर्वहन करेगा। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के सामने सबसे बड़ी चुनौती कई दावेदारों को लेकर है। इसलिए भी चुनाव में देरी हुई। लंबी फेहरिस्त उन सीनियर विधायकों की है जो मंत्री पद की आस लिए दो साल गुजार चुके हैं। लिहाजा मजबूत दावेदारी के साथ ये भी एक कतार है। उधर 2023 के चुनाव में अपनी एड़ी चोटी का जोर लगा चुके वे नेता जो संगठन में एडजस्ट नहीं हो पाए अब निगम मंडल की उम्मीद लगाए हैं कि पार्टी यहां तो मौका देगी। उधर कांग्रेस चुटकी ले रही है कि सत्ता की मलाई में हिस्सेदारी का पूरा मामला है।
आयोगों में हुई नियुक्ति: मप्र अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के नामों की घोषणा हो गई है। पूर्व विधायक कैलाश जाटव को अनुसूचित जाति आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है, वहीं सदस्यों के तौर पर रामलाल मालवीय और बारेलाल अहिरवार के नाम हैं। जाटव अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे। वहीं अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष के तौर पर पूर्व विधायक रामलाल रौतेल की नियुक्ति की गई है। रौतेल दूसरी बार ये पद संभालने जा रहे हैं। इससे पहले 2010 में उन्हें आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था। वे दो बार अनूपपुर सीट से विधायक रहे और कोल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। आयोग के सदस्य के तौर पर भगत नेताम और मंगल सिंह धुर्वे के नामों का ऐलान हुआ है। इसके अलावा राज्य महिला आयोग और बाल संरक्षण आयोग में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति का रास्ता भी साफ हो गया है। एक या दो दिन में ऐलान होने की संभावना है। इसके अलावा बाल संरक्षण आयोग के लिए भी अध्यक्ष और सदस्यों के नाम पर सहमति बन चुकी हैं। डॉ. निवेदिता शर्मा को अध्यक्ष बनाया जाएगा। वो पहले से ही बाल संरक्षण आयोग की सदस्य हैं। उनके अलावा सोनम निनामा, अर्चना गुप्ता, मोनिका बट्टी और सीमा सिंह को सदस्य बनाने पर सहमति बनी है।
