अब शेड्यूल के अनुसार ही होंगी बैठकें और दौरे

शेड्यूल के अनुसार
  • भाजपा में पहली बार बनी बैठकों की टाइमलाइन

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मप्र में भाजपा ने अपने सांगठनिक ढांचे को नई धार देने के लिए एक बड़ी व्यवस्था लागू की है । पार्टी ने इतिहास में पहली बार बैठकों और प्रवास (दौरे) के लिए एक सख्त टाइमलाइन निर्धारित कर दी है। अब प्रदेश अध्यक्ष से लेकर बूथ स्तर के कार्यकर्ता को शेड्यूल के अनुसार ही होंगी बैठकें और दौरे करने होंगे।  इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। पार्टी की नई रणनीति के तहत भाजपा प्रदेश संगठन की ओर से पार्टी के सभी संभाग प्रभारी, जिला प्रभारी व जिलाध्यक्षों को पार्टी की बैठक और प्रवास संबंधी कार्ययोजना, जारी की है। पार्टी संगठन ने यह आंतरिक पत्र प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व, मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल और प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह से मार्गदर्शन लेकर जारी किया है। नई संरचना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता व जबाबदेही सुनिश्चित करने के लिए तकनीक का सहारा लिया जाएगा। पत्र के अनुसार, सभी बैठकों का विवरण, उपस्थिति व चर्चा के प्रमुख विषयों को फोटो सहित संगठन एप पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। बैठकों की जानकारी निर्धारित वॉट्सएप नंबर पर भी साझा करनी होगी। भाजपा ने अपनी सांगठनिक मशीनरी को जमीनी स्तर पर पूरी तरह से बदलने की तैयारी कर ली है। पार्टी का अब सबसे मुख्य फोकस एसआईआर प्रक्रिया के बाद हुए बूथ पुनर्गठन के आधार पर नई सांगठनिक संरचना को प्रभावी ढंग से लागू करना है। गौरतलब है कि मप्र में एसआईआर से पहले तक कुल 65,014 पोलिंग बूथ (मतदान केंद्र) थे। लेकिन एसआईआर के दौरान चुनाव आयोग की नई गाइडलाइन के लागू होने के बाद मप्र में 8 हजार नए बूथ बने हैं।
अंतिम सप्ताह में टिफिन बैठक की अनूठी पहल: कार्यकर्ताओं के बीच आपसी सामंजस्य बढ़ाने के लिए एमपी बीजेपी ने महीने के अंतिम सप्ताह में टिफिन बैठक जैसी अनूठी पहल भी अपनी नई कार्ययोजना में शामिल की है। 23 से 30 तारीख के बीच शक्ति केंद्र टोली की बैठकों के बाद अनिवार्य रूप से टिफिन बैठक का आयोजन रखा गया है। इसके साथ ही महीने के अंतिम रविवार को बूथ स्तर पर मन की बात कार्यक्रम सुना जाएगा। इस दौरान बूथ की 11 सदस्यीय टोली के साथ ही स्थानीय वरिष्ठ कार्यकर्ता और प्रमुख मतदाताओं को भी कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
टाइमलाइन के तहत नई कार्ययोजना
संगठन की इस टाइमलाइन के तहत नई कार्ययोजना के शुरुआत में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और कुछ वरिष्ठ नेता 10 दिन तक मैदानी दौरों में नजर आएंगे। इनका फोकस जिला स्तरीय बैठकों पर रहेगा। बीजेपी की इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। महीने के पहले सप्ताह में संगठन का पूरा ध्यान मंडल स्तर पर केंद्रित रहेगा। इस शेड्यूल के मुताबिक हर महीने की 1 से 7 तारीख के बीच मंडल की बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में जिला अध्यक्ष और जिला प्रभारी की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। जो मंडल अध्यक्ष, मंडल पदाधिकारियों, मंडल मोर्चा अध्यक्षों और वार्ड संयोजकों के साथ समन्वय स्थापित करेंगे। इस नई व्यवस्था और शेड्यूल के तहत महीने के दूसरे सप्ताह में पार्टी संगठनात्मक गतिविधियों का केंद्र जिला मुख्यालय रहेंगे। यानी अब प्रति माह का दूसरा सप्ताह यानी 7 से 10 तारीख के बीच जिला स्तरीय बैठकें आयोजित की जाएंगी। जिला स्तरीय इन बैठकों में संभाग प्रभारी, जिला प्रभारी और जिला अध्यक्ष की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। इस दौरान जिला पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों और मोर्चों के जिला अध्यक्षों के साथ मिलकर भविष्य की कार्ययोजना और स्थानीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी। महीने के तीसरे सप्ताह में पार्टी ने 15-20 तारीख की बैठकें तय की हैं। ये बैठकें प्रदेश स्तरीय होंगी। इन बैठकों को वरिष्ठ पदाधिकारियों के प्रवास के लिए सुरक्षित रखा गया है। प्रत्येक माह में 15 से 20 तारीख के बीच होने वाली इन प्रदेश स्तरीय बैठकों में प्रदेश के पदाधिकारी, संभाग प्रभारी और जिला प्रभारियों की महत्वपूर्ण बैठकें होंगी। इसी अवधि में 11 से 20 तारीख के बीच विभिन्न मोर्चों के प्रदेश अध्यक्ष अलग-अलग संभागों के दौरे पर रहेंगे। इस अवधि के लिए यह सुनिश्चित किया गया है कि सभी मोर्चा अध्यक्ष एक ही संभाग में न रहकर अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर संगठन के कार्यों की समीक्षा करेंगे। महीने के चौथे सप्ताह में पार्टी ने विशिष्ट इकाइयों और शक्ति केंद्रों पर ध्यान देना सुनिश्चित किया है। 21 से 25 तारीख के बीच मंडल अध्यक्ष, शक्ति केंद्र प्रभारी और बूथ अध्यक्षों की बैठकें संपन्न होंगी। इस अंतिम चरण में विशेष रूप से आगामी रविवार को होने वाले मन की बात कार्यक्रम और बूथ समिति की बैठक का एजेंडा भी निर्धारित किया जाएगा। ये बैठक दो महीने के रोटेशन के आधार पर हर महीने 50त्न मंडलों में आयोजित की जानी हैं।

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