एक साल के प्रदर्शन पर तय होगी… कलेक्टरों की रैंकिंग

कलेक्टरों की रैंकिंग
  • सीएम बोले- गांवों में रुकें कलेक्टर, तेज करें जनकल्याण के काम

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश में प्रशासनिक कामकाज को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कलेक्टरों को स्पष्ट और सख्त संदेश दिया है।  उन्होंने कहा कि जनकल्याण के कार्यों में तेजी लाई जाए, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और अधिकारी मैदान में उतरकर काम करें। मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टरों से गांवों में रात्रि विश्राम करने, लोगों से सीधे संवाद करने और उनकी समस्याओं का मौके पर समाधान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी कमिश्नरों और कलेक्टरों के साथ विभिन्न अभियानों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ और ‘संकल्प से समाधान अभियान’ सहित अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति जानी और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सूख चुके जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने और जल संरक्षण के प्रयास तेज किए जाएं। साथ ही, गर्मी के मौसम में पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। जरूरत पडऩे पर टैंकरों के माध्यम से पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने नगरीय निकायों को स्वच्छता अभियान को जल संरक्षण से जोडऩे और सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से नवाचार अपनाए जाएं और सेवाओं को अधिक आसान बनाया जाए।
संभागीय मुख्यालयों पर बर्न यूनिट स्थापित हों
मुख्यमंत्री ने ‘सांदीपनि विद्यालयों’ की सफलता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने और शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया।स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए कि बड़े धार्मिक स्थलों पर 50 बेड वाले अस्पताल विकसित किए जाएं और सभी संभागीय मुख्यालयों में बर्न यूनिट स्थापित हों। साथ ही, अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
गेहूं खरीदी में छोटे किसानों को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने गेहूं उपार्जन की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि छोटे किसानों की फसल पहले खरीदी जाए और उन्हें समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि उपार्जन केंद्रों का नियमित निरीक्षण करें और वहां छाया, पानी, बारदाना, ओआरएस जैसे जरूरी इंतजाम उपलब्ध रहें। किसी भी किसान को परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। अधिकारियों ने जानकारी दी कि अब तक 1.13 लाख से अधिक किसानों से करीब 4.96 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जा चुकी है और लगभग 355 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है।
जनभागीदारी से ही योजनाएं सफल होंगी
डॉ. यादव ने कहा कि सरकार की योजनाएं तभी सफल होंगी जब उनमें जनभागीदारी सुनिश्चित होगी। इसके लिए अधिकारियों को लोगों से जुडऩा होगा और योजनाओं को जमीनी स्तर पर पूरी क्षमता के साथ लागू करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन जनप्रतिनिधियों और आम जनता के साथ समन्वय बनाकर काम करे, जिससे सरकार की विश्वसनीयता और बढ़े।
कलेक्टरों की होगी रैंकिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेश के कलेक्टरों की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन किया जाएगा और पिछले एक साल के प्रदर्शन के आधार पर उनकी रैंकिंग तय की जाएगी। इससे प्रशासन में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल बनेगा। उन्होंने कलेक्टों से कहा कि विभिन्न योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन का फीडबैक लेकर कलेक्टर्स को डिलिवरी सिस्टम में और अधिक सुधार लाकर इन्हें कस्टमर फ्रेंडली बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कलेक्टर अपने जिलों में टीम लीडर की तरह काम करें।

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