
बिच्छू डॉट कॉम। कूनो नेशनल पार्क में चीता पुनर्वास परियोजना को खास सफलता मिली है। भारतीय मूल की मादा चीता गामिनी ने जंगल में चार शावकों को जन्म दिया है। यह पहली बार है जब भारत में जन्मी किसी मादा चीता ने खुले जंगल में शावकों को जन्म दिया है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है, क्योंकि 2022 में शुरू हुए चीता पुनर्वास कार्यक्रम के बाद यह जंगल में दर्ज पहली सफल जन्म घटना है। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि कूनो का वातावरण अब चीतों के लिए अनुकूल बन रहा है और वे यहां स्वाभाविक रूप से खुद को ढाल रहे हैं। वहीं केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव ने एक्स पर इस खुशखबरी को साझा किया। उन्होंने कहा कि यह भारत के लिए गर्व का क्षण है और चीता प्रोजेक्ट के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है। इन चार नए नन्हे मेहमानों के आने के बाद अब भारत में चीतों की कुल संख्या बढक़र 57 हो गई है। इसमें कूनो में जन्मे शावक और बाहर से लाए गए चीते शामिल हैं। गामिनी और उसके चारों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं। वन विभाग की टीम उन पर 24 घंटे निगरानी रख रही है।
