90 प्रतिशत पदों पर नए कार्यकर्ताओं को सौंपी जिम्मेदारी

  • मप्र भाजपा में राजनीति का नया दौर

गौरव चौहान
मप्र भाजपा में 2023 विधानसभा चुनाव के बाद स्पष्ट पीढ़ी परिवर्तन देखने को मिल रहा है, जिसके तहत वरिष्ठ नेताओं के स्थान पर युवा और तीसरी पीढ़ी के नेताओं को कमान सौंपी जा रही है। मुख्यमंत्री के रूप में डॉ. मोहन यादव का चयन इस बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण है। पार्टी पुरानी पीढ़ी को हटाकर नए चेहरों के साथ मिशन 2028 और 2029 की तैयारी कर रही है। पीढ़ी परिवर्तन भाजपा की एक सोची-समझी रणनीति है, जिसका उद्देश्य पार्टी को युवा बनाना और नए नेतृत्व को तैयार करना है। इसी रणनीति के तहत हेमंत खंडेलवाल जैसे ऊर्जावान नेताओं को प्रमुख सांगठनिक जिम्मेदारियां दी गई हैं। हितानंद शर्मा जैसे संगठन महामंत्री की संघ में वापसी और नए पदाधिकारियों की नियुक्ति के साथ संगठन में 50 प्रतिशत से ज्यादा नए चेहरे सामने आए हैं। वहीं प्रदेश भाजपा के अनुषांगिक संगठनों की जो टीमें घोषित की गई हैं, उनमें 90 प्रतिशत पदों पर नए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
गौरतलब है कि  मप्र में भाजपा पीढ़ी परिवर्तन के दौर में है। यही वजह है कि पार्टी के संगठनात्मक नियुक्तियों में नए चेहरों की जगह मिल रही है। सरकारी पदों पर राजनीतिक नियुक्तियों में भी नए कार्यकर्ताओं को महत्व दिए जाने की कवायद की जा रही है। मप्र में आने वाले कुछ वर्षों में भाजपा की कमान पूरी तरह से नए और युवा हाथों में होगी। इसके संकेत मिलने लगे हैं। भारतीय जनता युवा मोर्चा से लेकर महिला मोर्चा, पिछड़ा वर्ग मोर्चा और अनुसूचित जाति मोर्चा में ऐसे युवाओं को दायित्व सौंपे गए हैं, जो फिलहाल संगठन की मुख्य धारा से दूर नजर आते थे। दरअसल प्रदेश भाजपा के अनुषांगिक संगठनों की जो टीमें घोषित की गई हैं, उनमें 90 प्रतिशत पदों पर नए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जानकारों का कहना है कि यह पूरी कवायद पीढ़ी परिवर्तन के तौर पर देखी जा रही है।
संघ की रणनीति के तहत युवाओं पर फोकस
जानकारों का कहना है कि भाजपा संगठन में युवाओं को अधिक महत्व देना संघ की रणनीति का हिस्सा है। दरअसल, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ युवाओं को अपनी विचारधारा से जोडऩे के लिए काफी समय से सक्रिय है। अब यही काम भाजपा द्वारा किया जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा जिलों के प्रवास के दौरान युवाओं से सीधा संवाद किया जाता है, तो उनके कार्यकर्ता घर-घर जाकर युवाओं को भाजपा की विचारधारा से अवगत करा रहे है। राज्य सरकार भी अपनी योजनाओं के जरिए युवाओं को तमाम सुविधाए देकर उन्हें जहां रोजगार युक्त बना रही है, तो वहीं ये संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि देश के युवाओं को भाजपा की सरकार आगे बढ़ा रही है। भाजपा से जुड़े सूत्रों की मानें संघ ने शताब्दी वर्ष के दौरान अपने संकल्पों में युवाओं को आगे बढ़ाने की बात कही है। हरियाणा में संघ की प्रतिनिधि सभा की बैठक में इस विषय पर चर्चा भी की गई है। पिछले दिनों भोपाल के शारदा विहार परिसर में संघ और भाजपा संगठन की समन्वय बैठक में भी इस विषय पर मंथन किया गया है। इसमें भाजपा ने संघ की मंशानुरूप संगठन में युवाओं को ज्यादा से ज्यादा प्रतिनिधित्व दिए जाने की बात कही थी।
महिला मोर्चे में दिखेगा युवा नेत्रियों का दम
भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकारिणी अभी घोषित होनी है। माना जा रहा है कि उसमें भी युवा नेत्रियों को अधिक से अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा। उल्लेखनीय है कि संसद का विशेष सत्र 15 अप्रैल से बुलाया गया है। चर्चा है कि इस सत्र में केन्द्र सरकार महिलाओं की सत्ता में भागेदारी बढ़ाने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए नारी शक्ति बंदन अधिनियम के क्रियान्वयन से जुड़े संशोधन को प्रस्तुत कर सकती है। सरकार की इस मंशा को भांपते हुए भाजपा संगठन द्वारा सक्षम और पार्टी विचारधारा को लेकर काम करने वाली महिला नेत्रियों की तलाश में जुट गया है। क्योंकि अगर महिलाओं को चुनाव लडऩे में 33 प्रतिशत का आरक्षण दिया जाता है, तो मप्र में इसके लिए अपेक्षित सीटों पर सक्षम और मजबूत नेतृत्व वाले महिला नेत्रियों की जरूरत होगी। कहा जा रहा है कि भाजपा महिला मोर्चे की टीम घोषित करते समय इस बात का ध्यान भी रखा गया है कि ऐसी नेत्रियों को पद दिया जाए, जो भविष्य में पार्टी के लिए चेहरा बन सके।
राजनीतिक नियुक्तियों में भी दिखेंगे नए चेहरे
भाजपा जिस तरह अपने मोर्चों में अधिक से अधिक नए चेहरों को शामिल कर रही है, उससे संभावना जताई जा रही है कि प्रदेश में होने वाली राजनीति नियुक्तियों में भी युवाओं को महत्व मिलेगा। जानकारों की मानें तो प्रदेश सरकार जब भी निगम-मंडलों के पदों पर नियुक्तियों की घोषणा करेगी, तब अधिकांश पदों पर ऐसे कार्यकर्ता दिखाई देंगे, जो पहली बार इन पदों पर बैठेंगे। दो बार इन पदो पर रह चुके कार्यकर्ताओं को किसी भी स्थिति में मौका नहीं मिलेगा। कहा जा रहा है कि भाजपा संगठन ऐसा रणनीति के तहत कर रही है। इन पदों पर बैठाकर पार्टी अपना नया नेतृत्व तैयार करेगी, जिससे भविष्य में उन्हें बड़े चुनावों में मैदान में उतारा जा सके। इसके संकेत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी पार्टी के स्थापना दिवस पर अपने संबोधन के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि पार्टी में संगठनात्मक व सरकारी नियुक्तियों का दौर जारी है। जल्द ही दूसरी नियुक्तियां भी की जाएगी, जिनमें नए कार्यकर्ताओं को मौका मिलेगा।

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