- आरएसएस और भाजपा की दो दिनी समन्वय बैठक में हुआ मंथन

गौरव चौहान
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वैचारिक और सांगठनिक विषयों को भाजपा राज्यों में धरातल पर उतारने और संगठन को मजबूत करने के लिए व्यापक योजना पर काम कर रही है। आगामी चुनावों को देखते हुए, संघ और भाजपा के बीच समन्वय को और गहरा किया जा रहा है। इसी के मद्देनजर गत दिनों भोपाल में संघ और संगठन की समन्वय बैठक में मंथन किया गया और निर्णय लिया गया कि मप्र में भाजपा संघ के एजेंडे का का जमीन पर क्रियान्वयन करेगा। संघ के वैचारिक मुद्दों, जैसे-सामाजिक समरसता, हिंदुत्व, राष्ट्रीय सुरक्षा, और एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे जैसे संदेशों को आम जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के निर्णयों को प्रदेश भाजपा मप्र में आगे बढ़ाएगी। संघ ने पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व से अपनी मंशा जता दी। सूत्रों की मानें बैठक में सत्ता और संगठन के समन्वय को लेकर भी चर्चा की गई है। बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान लिए गए संकल्पों को कैसे पूरा किया जाएगा और इसमें भाजपा की क्या भूमिका रहेगी इस पर मंथन किया गया। बैठक में भाजपा संगठन से अपेक्षा की गई है कि संघ के अनुषांगिक संगठनों सेवा भारती सहित दूसरे संगठनों की गतिविधियों से सहयोग दिया जाए। इससे मध्यप्रदेश में संघ के कार्यों और संगठन को और मजबूत बनाया जा सके।
संगठन में कसावट और बदलाव
मप्र में 2028 के विधानसभा चुनाव और 2027 के नगरीय निकाय चुनावों को लेकर संगठन में बदलाव की प्रक्रिया जारी है। इसका उद्देश्य बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना है। भाजपा गांव-बस्ती चलो जैसे अभियानों के जरिए मंत्री, सांसद और विधायक को सीधे ग्रामीण स्तर पर सक्रिय कर रही है, ताकि जनता से सीधा संवाद हो सके। संघ अपने सांगठनिक ढांचे में बदलाव (प्रांत प्रणाली की जगह संभाग व्यवस्था) कर रहा है ताकि गांवों और मोहल्लों तक बेहतर पहुंच बन सके। संघ और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के बीच लगातार समन्वय बैठकें हो रही हैं। गौरतलब है कि संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में भौगोलिक स्वरूप में परिवर्तन करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें अब प्रांतीय कार्यकारणी के स्थान पर संभागीय कार्यकारणी गठित की जाएगी। यह प्रक्रिया मार्च 2027 से प्रारम्भ होगी। बताया गया है कि दो दिन हुई बैठक में भाजपा ने भी अपने संगठनात्मक ढांचे को संघ की तरह संभाग स्तर पर मजबूत करने की बात कही है। यानि कि एक बार फिर भाजपा संभागीय मुख्यालयों में अपने संगठन मंत्री बैठाकर पार्टी को गतिविधियों को निचले स्तर तक मजबूती से उतारने का प्रयास करेगी।
संगठन के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा
सूत्रों की मानें तो बैठक में संघ विरोधी विचारधारा वाले दलों द्वारा देश में जो वातावरण निर्मित किया जा रहा है, उससे कैसे निपटा जाए। इसे लेकर भी बैठक में चर्चा की गई है। पदाधिकारियों ने समाज के बांटने वाले प्रयासों पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे संघ की विचारधारा से जुड़ रहे लोगों को किसी भी स्थिति में गुमराह होने से बचाना होगा। इसके लिए संघ के स्वयंसेवक अपने स्तर पर काम कर रहे है, लेकिन भाजपा के कार्यकर्ताओं को भी इसके लिए बूथ स्तर पर लोगों को जागरूक बनाना होगा। बैठक से जुड़े सूत्रों का कहना है कि दो दिवसीय बैठक में मध्यप्रदेश भाजपा का अगला संगठन महामंत्री कौन होगा, इस पर भी चर्चा की गई है। निर्णय क्या हुआ, यह खबर बाहर नहीं आ सकी है, लेकिन यह कहा जा रहा है कि यदि प्रदेश संगठन महामंत्री बनाए जाते है, तो इसका एक दो दिन में घोषणा हो जाएगी और यदि नहीं निर्णय नहीं होता, तो फिर संगठन महामंत्री का विषय लंबे समय तक के लिए टल जाएगा और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल ही इस भूमिका में रहेंगे। बैठक से जुड़े सूत्रों की मानें तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ समन्वय बैठक में जिन बिंदुओं को लेकर मंथन किया गया है, उन्हें जमीनी स्तर तक उतारने के लिए प्रदेश भाजपा कोई बड़े अभियान या एजेंडे की घोषणा कर सकती है। जिसके जरिए संघ की लाइन को भाजपा बूथ स्तर पर ले जा सके।
