प्रदेश में कभी भी आ सकती है आईएएस-आईपीएस की लिस्ट

आईएएस-आईपीएस
  • मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव और सीएस अनुराग जैन कर चुके मंथन…

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश में जल्द ही बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रदेश के कई जिलों में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों के तबादले की तैयारी कर ली गई है। इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन के बीच अहम चर्चा हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक, बड़े पैमाने पर आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।
18 जिलों के कलेक्टर,20 जिलों के एसपी बदलेंगे
सरकार पहले चरण में करीब 18 जिलों के कलेक्टरों को बदलने की योजना पर काम कर रही है। राजधानी भोपाल सहित कई बड़े जिलों में नए चेहरों को जिम्मेदारी दी जा सकती है। वर्तमान भोपाल कलेक्टर विक्रम कौशलेंद्र सिंह को बड़ी जिम्मेदारी मिलने की चर्चा है, जबकि उनकी जगह प्रियंक मिश्रा या किसी महिला आईएएस को जिम्मेदारी दी जा सकती है, क्योंकि एक महिला कलेक्टर को बड़े शहर की कमान सौंपे जाने की चर्चा है। वल्लभ भवन में पदस्थ कुछ अधिकारियों को फील्ड में भेजने की तैयारी भी चल रही है। वहीं करीब 20 जिलों के एसपी भी बदलने की तैयारी है।
कई कलेक्टरों को मंत्रालय में नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत
प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि कुछ जिलों के कलेक्टरों को मंत्रालय में नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। इनमें नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, शिवपुरी, रीवा, इंदौर, उमरिया और मैहर जैसे जिलों के कलेक्टर शामिल बताए जा रहे हैं। इन अधिकारियों को उनके अनुभव और कार्यशैली के आधार पर सचिवालय स्तर पर महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे जाने की संभावना है।
पुलिस विभाग में भी बड़े स्तर पर फेरबदल तय
आईएएस अधिकारियों के साथ-साथ अब पुलिस महकमे में भी बड़े बदलाव की तैयारी है। चर्चा है कि प्रदेश के करीब 20 जिलों के एसपी को इधर से उधर किया जा सकता है, जिससे कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी नए अधिकारियों को सौंपी जाएगी। खंडवा, भिंड, धार, रीवा और झाबुआ सहित कई जिलों में बदलाव संभावित माना जा रहा है। इसके अलावा दो रेल एसपी समेत कुल 9 ऐसे अधिकारी हैं, जो प्रमोशन मिलने के बावजूद अब तक एसपी की भूमिका में ही तैनात हैं, ऐसे में उन्हें नई जिम्मेदारी मिलना लगभग तय माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक इस फेरबदल में परफॉर्मेंस को अहम आधार बनाया गया है, जिसके चलते बेहतर काम करने वाले अधिकारियों को बड़े और महत्वपूर्ण जिलों की कमान सौंपी जा सकती है, जबकि अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन वाले अधिकारियों को अन्य पदों पर स्थानांतरित किया जाएगा।
सीएमओ  में भी बदलाव की संभावना
प्रशासनिक फेरबदल का असर मुख्यमंत्री कार्यालय तक भी पहुंच सकता है। वर्तमान में पदस्थ सचिवों में से किसी एक का तबादला किया जा सकता है, जबकि एक नए सचिव की नियुक्ति की चर्चा भी सामने आ रही है। इसके अलावा अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर पर भी बदलाव संभव माना जा रहा है, जिससे शासन के शीर्ष स्तर पर नई कार्यशैली और तालमेल देखने को मिल सकता है।
सरकार का फोकस: बेहतर प्रशासन और तेज क्रियान्वयन: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्राथमिकता साफ है कि प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। इसके लिए योग्य और परिणाम देने वाले अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिलों में तैनात किया जाएगा, ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचे और शासन-प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।

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