
न तो चुनाव आयोग न ही राज्य सरकार हमारे आदेशों का उल्लंघन करेंगी: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि न तो चुनाव आयोग और न ही राज्य सरकार हमारे आदेशों का उल्लंघन करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि हमने स्पष्ट कर दिया है कि किन दस्तावेजों की जांच की जानी है। हमारे आदेश बिलकुल स्पष्ट हैं। सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से बताया गया कि चुनाव आयोग ने राज्य में मतदाता सूचियों के एसआईआर में तैनात न्यायिक अधिकारियों के लिए एक प्रशिक्षण मॉड्यूल जारी किया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर टिप्पणी की कि वह अपने न्यायिक अधिकारियों को जानता है और वे किसी भी चीज से प्रभावित नहीं होंगे। पश्चिम बंगाल की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिबल ने मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के सामने इस मामले का उल्लेख किया। उन्होंने पीठ से कहा कि चुनाव आयोग ने पीठ पीछे न्यायिक अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। एक प्रशिक्षण मॉड्यूल जारी किया है जिसमें कहा गया है कि उन्हें क्या स्वीकार करना चाहिए और क्या नहीं।
राष्ट्रपति मुर्मू ने स्वदेशी ‘प्रचंड’ हेलीकॉप्टर से भरी उड़ान, रचा कीर्तिमान
भारत की सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को राजस्थान के जैसलमेर में स्वदेश में निर्मित हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर ‘प्रचंड’ में विशेष उड़ान भरकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। यह उड़ान भारतीय वायुसेना के प्रमुख युद्धाभ्यास ‘वायुशक्ति 2026’ के दौरान आयोजित की गई, जहां राष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। राष्ट्रपति मुर्मु फ्लाइंग हेलमेट और विशेष फ्लाइट ड्रेस में ‘प्रचंड’ हेलीकॉप्टर में सवार हुईं। उनकी यह सॉर्टी दो ‘प्रचंड’ हेलीकॉप्टरों के फॉर्मेशन में संपन्न हुई। दूसरे हेलीकॉप्टर में वायुसेना प्रमुख एपी सिंह सवार थे। ‘प्रचंड’ एक अत्याधुनिक स्वदेशी हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर है, जिसे कठिन युद्ध परिस्थितियों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में संचालन के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक राष्ट्रपति की यह उड़ान देश की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान की दिशा में मजबूत कदम का प्रतीक है।
भारत की तीसरी तिमाही की जीडीपी वृद्धि दर घटकर 7.8′ हुई
भारतीय अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर अपने मजबूत प्रदर्शन से बाजार और अर्थशास्त्रियों को चौंका दिया है। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद ) के आंकड़े जारी हो गए हैं, जिसने 7.8 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की है। चालू वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 8.4′ थी। देश की अर्थव्यवस्था की इस तेज रफ्तार और इसके पीछे के मुख्य कारणों को आइए एक आसान सवाल-जवाब के जरिए विस्तार से समझते हैं। वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के ताजा जीडीपी आंकड़े क्या कहते हैं? नए आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर में खत्म हुई तीसरी तिमाही में भारत की जीडीपी 7.8 प्रतिशत की मजबूत दर से बढ़ी है। देश के आर्थिक आंकड़ों के हालिया ‘रीसेट’ के बीच आई यह रिपोर्ट देश के सकारात्मक आर्थिक रुझान को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। बाजार के जानकारों का क्या अनुमान था और असली आंकड़े उससे कितने बेहतर हैं? अर्थशास्त्रियों ने अनुमान लगाया था कि दिसंबर तिमाही में अर्थव्यवस्था 7.4 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी (यह अनुमान 7′ से 8.7′ के दायरे में था)। लेकिन 7.8 प्रतिशत का वास्तविक आंकड़ा यह साबित करता है कि देश में आर्थिक गतिविधियां बाजार की उम्मीदों से कहीं ज्यादा बेहतर स्थिति में हैं।
अमेरिका को हो सकता है सैकड़ों अरब डॉलर का नुकसान, कोर्ट से ट्रंप ने अब कर दी ये मांग
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ से जुड़े एक हालिया न्यायिक फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की वजह से अमेरिका को सैकड़ों अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है। ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा कि सुप्रीम कोर्ट का हालिया फैसला ऐसा प्रभाव डाल सकता है, जिससे उन देशों और कंपनियों को सैकड़ों अरब डॉलर वापस करने पड़ सकते हैं, जो कई वर्षों से अमेरिका का फायदा उठाती रही हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि इस निर्णय के बाद वे देश और कंपनियां पहले से भी ज्यादा स्तर पर ऐसा करना जारी रख सकती हैं। अपने बयान में ट्रंप ने सवाल उठाया कि क्या इस मामले में दोबारा सुनवाई या पुनर्विचार संभव है। उन्होंने संकेत दिया कि इस फैसले के संभावित आर्थिक प्रभाव गंभीर हो सकते हैं और इस पर आगे कानूनी विकल्पों की संभावना पर विचार किया जाना चाहिए।
