बिच्छू राउंडअप/सुप्रीम कोर्ट ने कहा- एनसीईआरटी ने गरिमा को पहुंचाई ठेस, हार्ड कॉपी वापस लो

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- एनसीईआरटी ने गरिमा को पहुंचाई ठेस, हार्ड कॉपी वापस लो
एनसीईआरटी की आठवीं कक्षा की किताब के विवादित अंश को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार वाले अंश को लेकर उपजे विवाद पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की पीठ में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा- इस मामले में एनसीईआरटी का माफी मांगना पर्याप्त नहीं है। ऐसी किताब बच्चों तक जाने देना गलत होगा। न्यायपालिका की गरिमा को बनाए रखना जरूरी है। शिक्षा सचिव और एनसीईआरटी को नोटिस जारी करते हुए कोर्ट ने कहा-जब तक कोर्ट संतुष्ट नहीं हो जाता, सुनवाई जारी रहेगी। कोर्ट में सुनवाई के दौरान, केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा- सबसे पहले, हम बिना शर्त माफी मांगते हैं। स्कूल एजुकेशन के सेक्रेटरी यहां हैं।  इस पर सीजेआई ने कहा- उनके नोटिस में माफी का एक भी शब्द नहीं है। किसी ने मुझे भेजा था। जिस तरह से इस डायरेक्टर ने इसे बढ़ाने की कोशिश की है। मैंने सेक्रेटरी जनरल से पूछा कि क्या ऐसा पब्लिकेशन सच में हुआ था। बहुत जिम्मेदार अखबार ने छापा था, फिर भी इसमें गहरी साजिश है। सॉलिसिटर जनरल ने कहा- जिम्मेदार लोगों को आगे ऐसे काम में नहीं लाया जाएगा। 32 किताबें मार्केट में आईं, उन्हें वापस लिया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का बड़ा ऐलान: रेलवे का नया रेल टेक पोर्टल लॉन्च
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेल टच पोर्टल और ई-आरसीटी को लॉन्च किया। सरकार का कहना है कि इससे रेलवे में इनोवेशन को तेज किया जाएगा और क्लेम से जुड़ी प्रक्रिया को डिजिटल बनाया जाएगा। यह कदम रेलवे सुधारों के बड़े पैकेज का हिस्सा है, जिसमें सिस्टम को ज्यादा तेज, पारदर्शी और टेक-फ्रेंडली बनाने की बात कही जा रही है। रेल टच पोर्टल का मकसद रेलवे की रोजमर्रा की समस्याओं को सीधे टेक कंपनियों, स्टार्टअप और रिसर्च टीमों से जोड़ना है। अब इनोवेटर अपने सॉल्यूशन सीधे पोर्टल पर डाल सकेंगे। रेलवे उन आइडियाज को चुनकर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर टेस्ट करेगा। अगर नतीजे ठीक रहे तो उन्हें बड़े लेवल पर लागू किया जाएगा। इससे नई टेक को अपनाने में लगने वाला वक्त कम हो सकता है। इस पहल में एआई, सेफ्टी, ट्रैक मॉनिटरिंग, कोच में आग से जुड़ी चेतावनी सिस्टम, एनर्जी सेविंग और मेंटेनेंस जैसे क्षेत्रों पर फोकस रखा गया है। सरकार का कहना है कि इससे छोटे स्टार्टअप और नए इनोवेटर्स के लिए रेलवे के साथ काम करना आसान होगा। हालांकि यह पैसा सीधे हाथ में मिलने वाला फंड नहीं है।
निर्देश: एक अप्रैल से एथेनॉल ब्लेंड ई-20 पेट्रोल बेचना अनिवार्य
केंद्र सरकार ने पेट्रोल को लेकर एक अहम फैसला लिया है, जिसका सीधा असर आम लोगों और ऑटोमोबाइल सेक्टर पर पड़ेगा। केंद्र सरकार ने तेल बेचने वाली कंपनियों को साफ निर्देश दिया है कि 1 अप्रैल 2026 से देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इथेनॉल ब्लेंडेड (ई-20)  पेट्रोल बेचा जाए। इस पेट्रोल में अधिकतम 20 प्रतिशत इथेनॉल होगा और इसका न्यूनतम रिसर्च ऑक्टेन नंबर यानी आर एन-95 होना जरूरी होगा। यह आदेश केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से जारी किया गया है। 17 फरवरी को जारी नोटिफिकेशन में मंत्रालय ने कहा है कि तेल कंपनियां वही पेट्रोल सप्लाई करें जो ई-20 मानकों पर खरा उतरता हो। यह पेट्रोल ब्यूरो ऑफ इंडिया स्टैंडर्ड के तय मानकों के अनुसार होना चाहिए और पूरे देश में एक समान क्वालिटी के साथ उपलब्ध कराया जाना होगा। हालांकि कुछ खास हालात में सीमित समय के लिए कुछ इलाकों को छूट दी जा सकती है।
बदलाव: एयर टिकट कैंसिल करने पर 48 घंटे तक नहीं लगेगा चार्ज
विमानन नियामक डीजीसीए ने एयरलाइन टिकट रिफंड नियमों में संशोधन किया है। अब यात्री हवाई टिकट बुकिंग के 48 घंटे के भीतर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के टिकट रद्द या बदल सकते हैं, बशर्ते कुछ शर्तें पूरी हों। डीजीसीए ने यात्रियों के अनुकूल संशोधित नियम जारी किए हैं। इसके तहत एयरलाइन को यह सुनिश्चित करना होगा कि यदि यात्री टिकट बुकिंग के 24 घंटे के भीतर अपने नाम में कोई गलती दिखाए और टिकट सीधे एयरलाइन की वेबसाइट से बुक किया गया हो, तो इसका कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। डीजीसीए ने कहा-यदि टिकट ट्रैवल एजेंट या पोर्टल के माध्यम से खरीदी गई है, तो रिफंड की जिम्मेदारी एयरलाइन की होगी क्योंकि एजेंट उनके नियुक्त प्रतिनिधि हैं। एयरलाइन यह सुनिश्चित करें कि रिफंड प्रक्रिया 14 कार्यदिवसों के भीतर पूरी हो।  इसके अलावा, यात्री या उसके परिवार के किसी सदस्य की चिकित्सा आपात स्थिति के कारण टिकट रद्द करने की शर्तों में भी बदलाव किए गए हैं। यह संशोधन इसलिए किया गया है, क्योंकि पिछले समय में यात्रियों की शिकायतें बढ़ रही थी कि उन्हें समय पर रिफंड नहीं मिल रहा।

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