बिच्छू राउंडअप/जम्मू-कश्मीर में छिपे 85 दहशतगर्द, मोर्टार से ध्वस्त होंगे ठिकाने

जम्मू-कश्मीर

जम्मू-कश्मीर में छिपे 85 दहशतगर्द, मोर्टार से ध्वस्त होंगे ठिकाने
जम्मू-कश्मीर में छिपे पाकिस्तानी आतंकियों को अब उनके ठिकानों पर ही खत्म किया जाएगा। सुरक्षाबल आतंकियों के बाहर निकलने का इंतजार नहीं करेंगे। जम्मू-कश्मीर में फिलहाल, यूएस एम-4 राइफल और  स्टील की गोलियों से लैस लगभग ‘85’ पाकिस्तानी दहशतगर्द छिपे हैं। ये गोलियां, ‘लेवल 3’ श्रेणी के बुलेटप्रूफ वाहन, मोर्चा, जैकेट और पटके को भेद देते हैं। सुरक्षाबलों ने अब इसका तोड़ निकाल लिया है। नई रणनीति के तहत ज्यादा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में छिपे दहशतगर्दों के ठिकानों पर अब मोर्टार से गोले बरसाए जाएंगे। किश्तवाड़ में तीन दिन पहले एक भीषण मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकियों का खात्मा कर दिया था। मुठभेड़ स्थल से जो हथियार बरामद हुए, उनमें दो एके-47 राइफल, एक एम-4 राइफल और स्टील की बुलेट बरामद की गई हैं। पांच-छह वर्ष के दौरान यहां कई जगहों पर आतंकियों के पास एम-4 राइफल मिली हैं। स्टील की गोलियां भी बरामद हुई हैं। जम्मू में पाकिस्तानी आतंकियों की संख्या 30-40 बताई जा रही है, जबकि कश्मीर में 40-57 के आसपास है। लोकल आतंकियों की संख्या छह है। इनमें से दो आतंकी लतीफ और जाकिर, जेएंडके में छिपे हैं, बाकी चार की लोकेशन सीमा पार बताई गई है। इनमें से ज्यादातर आतंकी ऊंचाई वाले पहाड़ों पर बनी प्राकृतिक गुफाओं में छिपे हैं। ये आतंकी एम-4 राइफल और स्टील की गोलियों से लैस हैं।

अश्लील कंटेंट पर कार्रवाई, सरकार ने पांच ओटीटी प्लेटफार्मों को किया ब्लॉक
केंद्र सरकार ने अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट प्रसारित करने वाले पांच ओटीटी प्लेटफार्मों को मंगलवार को ब्लॉक कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए मूडएक्सवीआइपी, कोयल प्लेप्रो, डिजी मूवीप्लेक्स, फील और जुगनू नाम के पांच ओटीटी प्लेटफार्म को ब्लॉक करने का आदेश जारी किया है। सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 और अश्लीलता विरोधी कानूनों के तहत इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को ओटीटी प्लेटफार्म को ब्लॉक करने का निर्देश दिया है। ये नियम सार्वजनिक शालीनता बनाए रखने, राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने और डिजिटल प्लेटफार्मों पर नैतिक पत्रकारिता प्रथाओं को लागू करने के उद्देश्य से के उद्देश्य से बनाए गए हैं। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69ए के अनुरूप यह कार्रवाई की गई है जो सरकार को विभिन्न कारणों से ऑनलाइन कंटेंट को ब्लॉक करने का अधिकार देती है।

रूस-यूक्रेन के बीच बिना शर्त सीजफायर की मांग वाला मसौदा प्रस्ताव
रूस-यूक्रेन संघर्ष के चार वर्ष पूरे होने पर संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में लाए गए शांति प्रस्ताव पर भारत ने एक बार फिर अपना स्वतंत्र और तटस्थ रुख स्पष्ट किया है। मंगलवार (24 फरवरी) को महासभा में यूक्रेन द्वारा प्रस्तुत स्थायी शांति के समर्थन वाले मसौदे पर मतदान के दौरान भारत ने हिस्सा नहीं लिया। 193 सदस्यीय महासभा में इस प्रस्ताव को 107 देशों के समर्थन के साथ अपनाया गया, जबकि भारत, चीन, ब्राजील और यूएई सहित 51 देशों ने मतदान से दूरी बनाए रखी। ‘यूक्रेन में स्थायी शांति के समर्थन’ शीर्षक वाला यह प्रस्ताव रूसी हमले की चौथी वर्षगांठ पर संयुक्त राष्ट्र महासभा में पेश किया गया। 193 सदस्यीय महासभा में हुए मतदान में 107 देशों ने इसके पक्ष में वोट दिया, 12 ने विरोध किया, जबकि 51 देशों ने मतदान से परहेज किया। भारत उन 51 देशों में शामिल रहा जिन्होंने मतदान से दूरी बनाई। प्रस्ताव को कीव द्वारा पेश किया गया था। भारत के अलावा बहरीन, बांग्लादेश, ब्राजील, चीन, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात और संयुक्त राज्य अमेरिका भी मतदान से परहेज करने वालों में शामिल थे।

ट्रंप बोले- यह अमेरिका का स्वर्णिम काल चल रहा है
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्टेट ऑफ दी यूनियन को संबोधित किया। डोनाल्ड ट्रंप ने इस वक्तव्य के दौरान अपनी भावी नीतियों के साथ-साथ देश की राजनीति से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर बातें कीं। रिपब्लिकन खेमे के राष्ट्रपति ट्रंप आने वाले समय में डेमोक्रेट्स खेमे के अलावा भारत, चीन, ईरान, रूस, इस्राइल, मैक्सिको, ग्रीनलैंड, कनाडा और अन्य देशों के साथ कैसे संबंध रखेंगे? बीते करीब एक वर्ष के दौरान टैरिफ को लेकर लगातार सुर्खियों में रहे ट्रंप ने क्या कुछ कहा? ट्रंप आने वाले तीन साल में कौन सी नीति अपनाएंगे?  राष्ट्रपति ट्रंप ने स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण में अपनी सरकार की उपलब्धियों का गुणगान किया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की आजादी को 250 साल पूरे होने जा रहे हैं और दुनिया में कोई भी अमेरिका जैसा देश नहीं है और हम लगातार खुद को बेहतर कर रहे हैं। यह अमेरिका  का स्वर्णिम काल चल रहा है। उन्होंने कहा कि अवैध घुसपैठ पर रोक लगी है और सीमा पर हालात पूरी तरह से बदल गए हैं। इस दौरान डेमोक्रेट सांसदों ने ट्रंप के भाषण का विरोध करते हुए सदन से वॉकआउट किया।

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