
- रायसेन जिले का निकला सेक्स रैकेट का आरोपी चंदन यादव
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। राजधानी में सामने आए कन्वर्जन के मामले में नए खुलासे हुए हैं। यह मामला सिर्फ देह व्यापार या शोषण तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि जांच एजेंसियां इसे बड़े कनवर्जन रैकेट की कडिय़ों से जोडक़र देख रही हैं। झुग्गी बस्ती से निकलकर लग्जरी विला तक पहुंचीं दो सगी बहनों और उनके सहयोगियों पर आरोप है कि वे काम और शादी का झांसा देकर युवतियों को जाल में फंसाती थीं। पुलिस रिमांड, बैंक खातों की जांच और गुजरात तक फैले संपकों ने पूरे प्रकरण को गंभीर बना दिया है। भोपाल में यह रैकेट किन लोगों की दम पर चल रहा था, इस बारे में भी पुलिस संजीदगी से जांच कर रही है।
काम और शादी का झांसा, फिर कथित कन्वर्जन का दबाव
सोमवार को दो युवतियों की शिकायत के बाद इस मामले का खुलासा हुआ। एक 32 वर्षीय पीडि़ता ने आरोप लगाया कि उसे पहले घरेलू काम के लिए रखा गया, फिर गुजरात और मुंबई ले जाकर अनजान लोगों के साथ संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया। दूसरी पीडि़ता ने आरोप लगाया कि उसे शादी का भरोसा देकर कन्वर्जन के लिए प्रेरित किया गया। शिकायत के अनुसार, उसे धार्मिक पहचान बदलने और विशेष परंपराएं अपनाने का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर बदनामी और जान से मारने की धमकी दी गई। जांच में सामने आया है कि चंदन यादव, जो सीहोर जिले के रेहटी का निवासी है, उसका वहां ईवी शोरूम था। भोपाल आने के बाद स्पा सेंटर में मैनेजर की नौकरी घूरने लगा। इसी दौरान 2020 में उसकी मुलाकात अमरीन से हुई, जो आशिमा मॉल के पास स्फ्रा में काम करती थी और पहले अहमदाबाद में भी रह चुकी थी। पुलिस मान रही है कि यहीं से संपर्कों का दायरा बढ़ा और कथित नेटवर्क ने आकार लिया।
शराब, ड्रग्स और हाई-प्रोफाइल पार्टियों का आरोप
एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि युवतियों को हाई-प्रोफाइल पार्टियों में ले जाया जाता था, जहां कथित तौर पर अमीर युवकों से मिलवाया जाता था। शराब और ड्रग्स लेने का दबाव बनाने तथा किसी को भी जानकारी देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी देने के आरोप भी सामने आए हैं। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल जब्त कर लिए हैं, जिनमें कई संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप और युवतियों की तस्वीरें मिली हैं। डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
सागर रॉयल विला में खरीदे गए कथित आलीशान मकान और तेज़ी से बदली जीवनशैली भी जांच के केंद्र में है। पुलिस मकान मालिक की भूमिका की भी जांच कर रही है, क्योंकि किरायेदारों की सूचना स्थानीय थाने में दर्ज नहीं कराई गई थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कन्वर्जन रैकेट में आर्थिक सहयोग कौन दे रहा था और क्या इसके तार अन्य राज्यों से जुड़े हैं और भोपाल में कौन लोग इनका सहयोग कर रहे थे। अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बिलाल, यासिर और चानू नामजद आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस की विशेष टीम उनकी तलाश में जुटी है। पूरे मामले को पुलिस एक संगठित कनवर्जन नेटवर्क के रूप में देख रही है, जिसमें आर्थिक प्रलोभन, सोशल मीडिया संपर्क और दबाव की रणनीति का इस्तेमाल किया गया। रिमांड अवधि में पूछताछ से और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की संभावना है। बैंक खातों, डिजिटल डाटा और अंतरराज्यीय संपकों की कडिय़ों को जोडक़र पुलिस केस को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। राजधानी में उजागर हुआ यह मामला सामाजिक, कानूनी और सुरक्षा, तीनों स्तरों पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रहा है। आने वाले दिनों में जांच यह स्पष्ट करेगी कि यह प्रकरण सीमित दायरे का था या किसी बड़े संगठित कन्वर्जन नेटवर्क का।
रिमांड पर आरोपी, बैंक खाते जांच के घेरे में
राजधानी के बागसेवनिया थाना क्षेत्र में दर्ज प्रकरण के बाद पुलिस ने दोनों सगी बहनों अमरीन उर्फ़ माहिरा और आफरीन में से एक और उसके कथित सहयोगी चंदन यादव को रिमांड पर लिया है। पूछताछ के दौरान कॉल डिटेल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और सोशल मीडिया गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस को संदेह है कि दोनों बहनों की अचानक बदली आर्थिक स्थिति के पीछे कथित कनवर्जन नेटवर्क की फंडिंग हो सकती है। अब्बास नगर की झुग्गी में रहने वाला परिवार कुछ ही वर्षों में अशोका गार्डन और मिसरोद क्षेत्र के आलीशान मकानों तक कैसे पहुंचा – यह जांच का प्रमुख बिंदु है। बैंक खातों और लेनदेन का ऑडिट कराया जा रहा है।
गुजरात कनेक्शन और बाहरी मददगारों पर नजर
मामले में एक अहम मोड़ तब आया जब मंगलवार को गिरफ्तार आरोपियों को छुड़ाने के प्रयास में गुजरात से कुछ लोग भोपाल पहुंचे। पुलिस उनकी भूमिका की पड़ताल कर रही है। कॉल रिकॉर्ड और वित्तीय कनेक्शन के आधार पर यह देखा जा रहा है कि क्या यह नेटवर्क मध्यप्रदेश के बाहर से संचालित या समर्थित था। पुलिस मुख्यालय ने भी पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है और फरार आरोपियों की तलाश के लिए अन्य राज्यों से समन्वय किया जा रहा है।
