राजा हिरदेशाह का संघर्ष कोर्स में करेंगे शामिल, हीरापुर बनेगा तीर्थ स्थल: सीएम

राजा हिरदेशाह लोधी 1842 की क्रांति के महानायक थे। उनकी शौर्य गाथा आज भी बुंदेला, लोधी समाज के नाटक, लोकगीतों के साथ लाखों हृदय में जीवित है। उनका जीवन सबके लिए प्रेरणादायी और आदर्श है। सरकार उनके संघर्ष और आजादी में उनके योगदान पर शोध कराएगी। घटनाक्रम को लिपिबद्ध कर शिक्षा विभाग के कोर्स में मिल किया जाएगा। यह बात मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंगलवार को जंबूरी मैदान भेल में अखिल भारतीय लोधी, लोधा, लोध क्षत्रिय महासभा, राजा हिरदेशाह शोध संस्था और गोंड महासभा की ओर से राजा हिरदेशाह की पुण्यतिथि पर आयोजित शौर्य यात्रा में कहीं। सीएम ने कार्यक्रम के दौरान घोषणा की, कि नर्मदा किनारे हीरापुर में उनके नाम से एक तीर्थ स्थल का निर्माण भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश की विरासत और क्रांतिकारियों के सम्मान में निरंतर गतिविधियां संचालित कर रही है। रानी अवंती बाई के नाम पर सागर में विश्वविद्यालय की स्थापना की गई।

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