मप्र हाईकोर्ट ने मनरेगा में संविदा पर कार्यरत सब इंजीनियरों को नियमितीकरण का लाभ देने से इनकार करते हुए छह याचिकाएं खारिज कर दी हैं। चीफ जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने सोमवार को यह फैसला सुनाया। इसका असर प्रदेश में कार्यरत करीब 1,400 संविदा सब इंजीनियरों पर पड़ सकता है। नर्मदापुरम जिला पंचायत में पदस्थ देवेंद्र कुमार उपाध्याय सहित अन्य याचिकाकर्ताओं ने 10 वर्ष से अधिक की सेवा के आधार पर नियमितीकरण की मांग की थी। उनका तर्क था कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के पूर्व निर्णयों के अनुसार लंबे समय तक सेवा देने वाले संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जाना चाहिए। साथ ही, अन्य विभागों में हुए नियमितीकरण का हवाला भी दिया गया।
03/11/2026
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