इतिहास के अनछुए नायकों पर दी जाएगी 24 लाख की फैलोशिप: सीएम

भारत की वीरता को केवल युद्धों और योद्धाओं तक सीमित रखने के बजाय ऋषियों, वैज्ञानिकों, गणितज्ञों, समाज सुधारकों और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले नायकों के जरिए दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इसके लिए मध्यप्रदेश में वीर भारत फैलोशिप शुरू होगी और उज्जैन व बैतूल में दो संग्रहालय बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रालय में हुई वीर भारत न्यास की कार्यसमिति की बैठक में ये निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रतिवर्ष दो अध्येताओं को एक-एक वर्ष के लिए 12 लाख रुपए की फैलोशिप दी जाएगी। इसमें प्राचीन से आधुनिक भारतीय इतिहास, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले चिंतकों, कलाकारों तथा वैज्ञानिकों पर शोध को प्रोत्साहन मिलेगा। केंद्र सरकार के सहयोग से आरण्यक युगयुगीन जनजातीय संग्रहालय की स्थापना को मंजूरी दी गई। बैतूल संग्रहालय में जनजातीय इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन, शोध केंद्र और डिजिटल रिपॉजिटरी विकसित होगी।


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