
बिच्छू डॉट कॉम। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धनलक्ष्मी सॉल्वेक्स प्राइवेट लिमिटेड, इसके डायरेक्टरों और इससे जुड़ी कंपनियों/लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में 35.52 करोड़ की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत की गई है। ईडी की यह जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआइ) द्वारा दर्ज एफआइआर पर आधारित है। एफआइआर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की अगुआई वाले बैंकों के एक ग्रुप (यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल) की शिकायत पर दर्ज की थी। आरोप था कि आरोपियों ने बैंकों के ग्रुप से धोखाधड़ी कर क्रेडिट सुविधाएं लीं और लोन देने वाले बैंकों को 356.31 करोड़ का नुकसान पहुंचाया। ईडी की जांच में पता चला कि धनलक्ष्मी सॉल्वेक्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके प्रमोद्वरों/डायरेक्टरों ने कथित तौर पर गलत जानकारी देकर बैंक लोन के पैसे आपस में जुड़ी कंपनियों के नेटवर्क के जरिए दूसरी जगह भेज दिए। 26 फरवरी को ईडी ने इंदौर और देवास में पांच जगह तलाशी अभियान चलाकर कई रिकॉर्ड जब्त किए थे।
