मतदाता सूची के पुनरीक्षण से लेकर राम मंदिर निर्माण तक के मुद्दों पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भोपाल में चुनाव आयोग और भाजपा नेताओं को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के दौरान इस्तेमाल किए जा रहे ईसीआई-नेट सॉफ्टवेयर की वजह से मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता प्रभावित हुई। उनका दावा है कि इस प्रक्रिया में करीब 13 करोड़ नाम हटाए गए। दिग्विजय सिंह ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने और निर्वाचन आयोग के समक्ष 23 मांगें रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने का काम निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत होना चाहिए। उनके आरोप के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली के कारण ईआरओ के अधिकार प्रभावित हुए और कुछ मामलों में उनके फैसलों को लागू करने में तकनीकी अड़चनें आईं।
16/10/2026
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