
बिच्छू डॉट कॉम। अवैध संपत्ति का पहाड़ खड़ा करने वाले महिला एवं बाल विकास विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर लक्ष्मीनारायण कंडवाल पर विभाग की मेहरबान है। लोकायुक्त की रेड की कार्रवाई और 287′ अवैध संपत्ति मिलने के दूसरे दिन बीतने के बाद भी विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि नियमानुसार भ्रष्टाचार में लिप्त ऐसे अधिकारी को तत्काल हटाकर मुख्यालय अटच किया जाना चाहिए। लेकिन कंडवाल के रसूख के आगे विभाग के उच्च अधिकारी जहमत नहीं उठा पा रहे हैं। बता दें, लोकायुक्त ने कार्रवाई के बाद अधिकृत रूप से बताया था कि कंडवाल की आय 2.80 करोड़ है। जबकि व्यय 10.82 करोड़। यानी पद का दुरूपयोग कर 287 प्रतिशत अवैध संपत्ति बनाई गई। विभाग की कमिश्नर निधि निवेदिता से संपर्क किया तो उन्होंने मैसेज के जरिए संवाद किया। जिसके लिखित जवाब में उन्होंने कहा कि लोकायुक्त संगठन द्वारा की गई कार्रवाई उनके अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत की गई है।
