
बिच्छू डॉट कॉम। पूर्व आईएएस अधिकारी दिवंगत अरविंद जोशी और उनकी पत्नी टीनू जोशी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बेनामी निवेश और वित्तीय लेयरिंग का खुलासा करने का दावा किया है। एजेंसी के अनुसार अपराध से अर्जित संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व को छिपाने के लिए बेनामी संस्थाओं, फर्जी समझौतों और कई स्तर के वित्तीय लेन-देन (लेयरिंग) का सहारा लिया गया, ताकि इन संपत्तियों को वैध दिखाया जा सके। ईडी का कहना है कि जांच में सामने आया है कि फेथ क्रिकेट क्लब के संचालन की जिम्मेदारी अरविंद जोशी के पास थी। एजेंसी के मुताबिक भोपाल के ग्राम सेमरी बाज्याफत स्थित क्रिकेट अकादमी और उससे जुड़े ढांचों के निर्माण में किया गया निवेश उनके सहयोगी राघवेंद्र सिंह तोमर के माध्यम से अपराध से अर्जित धन से किया गया।
