क्या संविलियन से पहले दैवेभो की सेवाएं पेंशन लाभ में जुड़ेंगी?

पेंशन लाभ

बिच्छू डॉट कॉम। मप्र हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के पेंशन लाभ से जुड़ा मामला लार्जर बेंच को भेजा है। इस बेंच को तय करना है कि इन कर्मचारियों के नियमित पद पर हुए संविलियन से पहले दी गई सेवाएं पेंशन लाभ में जुड़ेंगी या नहीं? दरअसल, इस बारे में 4 फैसलों में विरोधाभासी अभिमतों को देखते हुए जस्टिस दीपक खोत की सिंगल बेंच ने रजिस्ट्री कार्यालय का मामला एक्टिंग चीफ जस्टिस के समक्ष पेश करने कहा है। लार्जर बेंच के फैसले के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हजारों दैवेभो कर्मियों को उनकी शुरुआती संविदा या दैनिक वेतन भोगी सेवा का पेंशन लाभ मिलेगा या नहीं? याचिका नरसिंहपुर के लोक निर्माण विभाग से चौकीदार के पद से रिटायर हुए कल्याण सिंह गौंड़ ने दाखिल की है। उसकी नियुक्ति 1 जुलाई 1985 को दैनिक वेतन भोगी के रूप में चौकीदार के पद पर हुई थी। 13 फरवरी 1997 को शासकीय आदेश के तहत उसका नियमित पद पर संविलियन हुआ था। 31 जनवरी 2018 को रिटायरमेंट के बाद जब उसे दैवेभो के रूप में दी गई सेवाओं का लाभ नहीं मिला।

Related Articles