पांच जुलाई को समिति… सरकार को सौंपेगी ड्राफ्ट

ड्राफ्ट
  • सीएम बोले- 90 प्रतिशत से अधिक लोगों ने यूसीसी का समर्थन किया

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर सभी जिलों में जन-परामर्श बैठकें पूरी हो चुकी हैं। प्रदेशभर से 9 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिनमें 90 प्रतिशत से ज्यादा लोगों ने यूसीसी का समर्थन किया है। उन्होंने बताया कि अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों ने भी बड़ी संख्या में समर्थन दिया है। यूसीसी के मसौदे पर समिति और विधि विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। कैबिनेट की बैठक से पहले मुख्यमंत्री ने कहा कि यूसीसी को लेकर सभी जिलों में शांतिपूर्ण ढंग से चर्चा हुई। भोपाल में राज्य स्तरीय बैठक आयोजित कर विभिन्न आयोगों, विभागों, राजनीतिक दलों और धर्मगुरुओं से भी सुझाव लिए गए। बता दें सरकार 20 जुलाई से प्रस्तावित विधानसभा के मानसून सत्र में यूसीसी को पेश कर सकती है। इस पर चर्चा के बाद सबकुछ ठीक रहने पर दीपावली से पहले यूसीसी को प्रदेश में लागू करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। यह सबकुछ समय पर होता है तो उत्तराखंड और गुजरात के बाद यूसीसी लागू करने वाला देश का तीसरा राज्य बन जाएगा।
15 से 29 जुलाई तक मनाया जाएगा गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 15 से 29 जुलाई तक गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा मनाया जाएगा। इस दौरान सभी स्कूलों में भाषण, निबंध, संस्कृत श्लोक, स्वास्थ्य जागरूकता, वृक्षारोपण और करियर मार्गदर्शन जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सांदीपनि विद्यालयों में विशेष गुरु पूर्णिमा उत्सव भी होगा, जिसमें विज्ञान प्रदर्शनी और नवाचार कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का उल्लेख करते हुए कहा कि 20 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के खातों में राशि जारी की थी। मध्य प्रदेश के 81 लाख से अधिक किसानों को 1640 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हालिया मध्य प्रदेश दौरे का भी उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने प्रदेश की विभिन्न उपलब्धियों की सराहना की है।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व को मिला राष्ट्रीय सम्मान
मुख्यमंत्री ने बताया कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व को इंडिया टुडे टूरिज्म सर्वे एंड अवार्ड-2026 में बेस्ट वाइल्ड लाइफ डेस्टिनेशन श्रेणी का एडिटर्स चॉइस अवार्ड मिला है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का परिणाम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 19 मार्च से शुरू हुआ जल गंगा संवर्धन अभियान 25 से 30 जून तक समारोहपूर्वक समाप्त होगा। प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जल संरक्षण से जुड़े कार्यों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी और लोगों को जल बचाने की शपथ दिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि जल संचय जनभागीदारी अभियान में मध्य प्रदेश को देश में तीसरा स्थान मिला है।
लिव-इन को लेकर तेज हुई बहस, धर्मगुरुओं ने जताई आपत्ति
मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) में लिव इन रिलेशनशिप को मान्यता देने की तैयारी के बीच इसका विरोध भी किया जाने लगा है। धार्मिक संगठनों के प्रमुख इसके खिलाफ हैं। धर्मगुरुओं का कहना है कि लिव इन रिलेशनशिप को मान्यता समाज के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे समाज में नई तरह की सामाजिक कुरीतियां पैदा होंगी। उधर अल्पसंख्यक वर्ग ने यूसीसी लागू किए जाने का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने पर्सनल लॉ में छेड़छाड न करते हुए कहा कि इसको छेडऩे से मामला खराब होगा।
नहीं मिलनी चाहिए मान्यता
यूसीसी में लिव इन रिलेशनशिप को लेकर धार्मिक सामाजिक संगठनों के अधिकतर प्रमुखों ने यूसीसी में मान्यता नहीं देने का सुझाव रखा है। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने भी यूसीसी में लिव इन रिलेशन को मान्यता नहीं दी जानी चाहिए। शहर काजी मुश्ताक अली ने कहा कि हम कानून को बनाने वाले नहीं बताने वाले हैं। हमारा कानून कुरान हदीस है। लिव इन रिलेशन को मान्यता देने का उन्होंने भी विरोध करते हुए कहा कि बिना निकाह किसी लडक़ी को साथ रखना तो दूर देखना भी गुनाह है। यदि यह कानून लाया जाता है तो सामाजिक तानाबाना बिखर जाएगा। जो बच्चा पैदा होगा वह किसका कहलाएगा। कौन परवरिश करेगा। यूसीसी के अभी जरूरत ही नहीं है।
यूसीसी के लिए गठित की गई समिति द्वारा भोपाल के नरोन्हा प्रशासन अकादमी में प्रशासनिक, सामाजिक संगठनों, विभिन्न धर्म गुरूओं, राजनीतिक दलों और आम लोगों को बुलाया गया। बैठक के दौरान यूसीसी में लिव इन रिलेशनशिप को कानूनी जामा पहनाए जाने का विरोध देखने को मिला। जमीयत उलेमा मध्य प्रदेश के अध्यक्ष हाजी हारून ने कहा, विदेश में लिव इन रिलेशनशिप ही इसलिए शुरू हुआ ताकि तलाक के बाद पत्नी को संपत्ति से हिस्सा न देना पड़े। हमारे देश में अवैध संबंधों की मान्यता नहीं है। देश की परंपरा, संस्कृति में इसको मान्यता नहीं दी जा सकती।

Related Articles