- न पाठ्यक्रम तैयार न परीक्षा एजेंसी हुई तय

- गौरव चौहान
मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर सरकार की घोषणा के बाद भी स्थिति साफ नहीं हो पा रही है। परीक्षा का स्वरूप बदलने के बाद अब सबसे बड़ी चुनौती इसे समय पर कराने की है। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने परीक्षा आयोजित कराने के लिए कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) और माध्यमिक शिक्षा मंडल से चर्चा शुरू की है, लेकिन दोनों ही संस्थाओं की अपनी व्यस्तताएं हैं। ऐसे में अगले महीने प्रस्तावित टेट परीक्षा को लेकर शिक्षकों में असमंजस बना हुआ है। मुख्यमंत्री की शिक्षक दिवस पर की गई घोषणा के बाद परीक्षा को ऑनलाइन से ऑफलाइन कराने की तैयारी शुरू हुई। इससे पहले ईएसबी के माध्यम से ऑनलाइन परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी थी। घोषणा के बाद डीपीआई को पूरी परीक्षा व्यवस्था में बदलाव करना पड़ रहा है।
ऑनलाइन टेट परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कराने वाला कर्मचारी चयन मंडल पहले ही परीक्षा कराने में असमर्थता जता चुका है। मंडल की प्राथमिकता फिलहाल विद्यार्थियों की परीक्षाएं कराना है। अगले महीने परीक्षा प्रस्तावित होने के कारण मंडल का अधिकांश अमला छात्र परीक्षाओं की तैयारी में जुटा है। डीपीआई ने मंडल से यह आग्रह किया है कि ऑनलाइन परीक्षा के लिए आवेदन पहले ही उसी के माध्यम से लिए जा चुके हैं, इसलिए व्यवस्था में केवल ऑनलाइन की जगह ऑफलाइन परीक्षा कराने का बदलाव किया जाए। हालांकि, इस पर अभी अंतिम सहमति नहीं बन पाई है।
एमपी बोर्ड ने भी बताई अपनी मजबूरी
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने भी टेट परीक्षा कराने को लेकर अपनी व्यस्तता स्पष्ट कर दी है। मंडल अधिकारियों के अनुसार इस समय उसकी पहली प्राथमिकता विद्यार्थियों की परीक्षाएं हैं। इसके अलावा टेट कराने के लिए सबसे पहले लोक शिक्षण संचालनालय को पाठ्यक्रम उपलब्ध कराना होगा। इसी पाठ्यक्रम के आधार पर प्रश्नपत्र तैयार किया जाएगा। मंडल के स्तर पर यह भी माना जा रहा है कि पाठ्यक्रम मिलने के बाद प्रश्नपत्र तैयार करने सहित पूरी प्रक्रिया में कम से कम तीन महीने का समय लग सकता है। ऐसे में तत्काल टेट परीक्षा कराना मुश्किल नजर आ रहा है।
पाठ्यक्रम ही तैयार नहीं तो प्रश्नपत्र कैसे बनेगा?
टेट परीक्षा की राह में सबसे बड़ी अड़चन फिलहाल पाठ्यक्रम को लेकर सामने आ रही है। माध्यमिक शिक्षा मंडल का कहना है कि लोक शिक्षण संचालनालय से पाठ्यक्रम मिलने के बाद ही प्रश्नपत्र तैयार किया जा सकता है। यदि पाठ्यक्रम अभी तैयार किया जाता है तो परीक्षा आयोजित करने में भी समय लगेगा। शुक्रवार को मंडल में हुई बैठक में भी परीक्षा को लेकर चर्चा हुई। इसमें विद्यार्थियों की आगामी परीक्षाओं को प्राथमिकता देने के साथ टेट परीक्षा की तत्काल व्यवस्था को लेकर व्यावहारिक कठिनाइयों पर विचार किया गया।
ईएसबी के पास ऑफलाइन परीक्षा का विकल्प
अब लोक शिक्षण संचालनालय की नजर फिर कर्मचारी चयन मंडल पर है। ईएसबी में दो दिन पहले अधिकारियों ने परीक्षा के संभावित विकल्पों पर मंथन किया। प्रारंभिक तौर पर यह विचार सामने आया कि जिस ऑनलाइन परीक्षा का ढांचा तैयार किया गया था, उसी आधार पर ऑफलाइन परीक्षा भी कराई जा सकती है। हालांकि, ऑफलाइन परीक्षा में ईएसबी को ऑनलाइन परीक्षा की तुलना में अतिरिक्त व्यवस्थाएं करनी होंगी। ऑनलाइन परीक्षा में कंप्यूटर आधारित निगरानी होती है, जबकि ऑफलाइन परीक्षा में उत्तर पुस्तिकाओं और पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी की जिम्मेदारी भी एजेंसी को उठानी होगी।
इसी सप्ताह हो सकती है निर्णायक बैठक
डीपीआई अब परीक्षा को लेकर ईएसबी के साथ अंतिम स्तर की बातचीत की तैयारी में है। जानकारी के अनुसार इसी सप्ताह ईएसबी के डायरेक्टर और लोक शिक्षण संचालनालय के कमिश्नर के बीच बैठक प्रस्तावित है। इसमें यह तय करने का प्रयास होगा कि ईएसबी अपनी निगरानी में ऑफलाइन टेट परीक्षा करा सकता है या नहीं। इस बीच एमपी बोर्ड की व्यस्तता और ईएसबी की असमर्थता के कारण परीक्षा की तारीख और आयोजन एजेंसी दोनों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। यानी मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद परीक्षा का स्वरूप तो बदल गया, लेकिन उसे जमीन पर उतारने के लिए जरूरी प्रशासनिक तैयारियां अभी पूरी नहीं हो पाई हैं।
