- उज्जैन में हस्ताक्षर अभियान को मिला देशभर के लोगों का समर्थन

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित ऐतिहासिक श्री खड़े हनुमान मंदिर के विस्थापन के विरोध में जनआक्रोश लगातार गहराता जा रहा है। मंदिर को यथास्थान बनाए रखने की मांग को लेकर चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान को स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश के कोने-कोने से आ रहे श्रद्धालुओं का व्यापक समर्थन मिल रहा है। मंदिर परिसर में एक ओर जहां जय श्रीराम के उद्घोष और हनुमान चालीसा के पाठ से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर मंदिर की रक्षा के लिए चल रहे अभियान में भक्त बढ़-चढक़र अपनी सहमति दर्ज करा रहे हैं। मंदिर के विस्थापन को रोकने के लिए गठित संघर्ष समिति के माध्यम से हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की गई है। हिंदूवादी नेता शिवेंद्र तिवारी ने बताया प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। हमारी बात शासन-प्रशासन तक लिखित और वैधानिक रूप से पहुंचे, इसीलिए यह हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया है। यहां आने वाले भक्त हस्ताक्षर कर स्पष्ट संदेश दे रहे हैं कि मंदिर का विस्थापन किसी भी कीमत पर नहीं होना चाहिए। प्रशासन को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए जमीनी सत्य को स्वीकार करना चाहिए। वहीं, हिंदूवादी नेता मनीष शुक्ला ने कहा कि हस्ताक्षर अभियान के जरिए भक्तों की मंशा शासन तक पहुंचाई जा रही है। उन्होंने निराशा जताते हुए कहा कि निरंतर प्रयासों के बावजूद फिलहाल प्रशासन इस पूरे संवेदनशील मामले में मौन धारण किए हुए है। प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए हिंदूवादी नेता रूपेश ठाकुर ने आरोप लगाया कि प्रशासन इस मामले में तथ्यों को छिपा रहा है। उन्होंने कहा हमारे सामने मशीनों से मंदिर के हिस्से को क्षतिग्रस्त किया गया। उज्जैन में विकास के नाम पर लगातार प्राचीन मंदिरों को प्रभावित किया जा रहा है। यदि नीलगंगा चौराहे पर सडक़ के बीचों-बीच स्थित एक पुरानी चिमनी को बचाकर यातायात निकाला जा सकता है, तो फिर श्री खड़े हनुमान मंदिर को उसी स्थान पर स्थापित रखकर विकास कार्य क्यों नहीं हो सकते?
राजनीतिक बयानबाज़ी और जनआस्था
आलोट विधायक चिंतामणि मालवीय ने भी श्री खड़े हनुमान मंदिर पहुंचकर दर्शन-पूजन किया और उज्जैन व प्रदेश की समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि यह हजारों साल पुरानी आस्था का केंद्र है और भक्तों की मंशा के अनुरूप बाबा को यहां से नहीं हटाया जाना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री के संज्ञान में अभी यह पूरा विषय स्पष्ट रूप से नहीं आया है, अन्यथा वे जनभावनाओं के अनुरूप ही निर्णय लेते। शाही मस्जिद मामले पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के निर्णय का स्वागत होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंदिर और मस्जिद की तुलना करना गलत है। छत्री चौक क्षेत्र स्थित निर्माण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सिंहस्थ विकास कार्यों के तहत न्यायालय के आदेशानुसार ही कार्रवाई हो रही है।
उत्तर प्रदेश, राजस्थान से लेकर दक्षिण भारत तक से पहुंच रहे श्रद्धालु
श्री खड़े हनुमान जी की महिमा और मंदिर से जुड़ी खबरों को देखकर अब देशभर से श्रद्धालु उज्जैन पहुंच रहे हैं। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, ओडिशा, कर्नाटक और गुजरात सहित कई राज्यों से आए भक्त मंदिर परिसर में दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं। राजगढ़ से दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु रामचंद्र राठौर ने बताया कि सोशल मीडिया पर मंदिर से जुड़ी जानकारी मिलने के बाद वे समाज के लोगों के साथ यहां आए हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर को यथावत बनाए रखने के लिए उन्होंने भी हस्ताक्षर अभियान में भाग लेकर अपनी सहमति दी है। फिलहाल, मंदिर परिसर में लगातार बढ़ते श्रद्धालुओं के हुजूम और तेज होते हस्ताक्षर अभियान ने स्पष्ट कर दिया है कि भक्त अपने आराध्य के स्थान को लेकर किसी भी प्रकार के समझौते के मूड में नहीं हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस व्यापक जनआक्रोश और जनभावनाओं पर क्या रुख अपनाता है।
