48 घंटे में 50 लाख टन गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुक

 स्लॉट बुक
  • सर्वर की क्षमता बढऩे से स्लाट बुकिंग की समस्याएं हुईं दूर

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मप्र में इन दिनों समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी चल रही है। सरकार की कोशिश है कि प्रदेश के हर किसान का गेहूं खरीदा जाए। हालांकि समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए स्लाट बुकिंग में आ रही समस्याओं को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है। इस बीच सर्वर की क्षमता बढऩे से स्लाट बुकिंग की समस्याएं दूर हो गई हैं। जिसका असर यह देखने को मिल है कि पिछले 48 घंटे में चार लाख किसानों ने 50.51 लाख टन उपज बेचने के लिए स्लाट बुकिंग कराई।  इसके पहले भी स्लॉट बुकिंग हुई, गेहूं बिका। यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।  सीएम डॉ. मोहन यादव के जारी बयान में कहा कि यह खरीदी की आसान व्यवस्था के कारण संभव हुआ। खरीदी में किसी भी तरह की समस्या नहीं है।
जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय सूचना केंद्र (एनआइसी) द्वारा संचालित ई-उपार्जन पोर्टल के सर्वर की क्षमता बढ़ाने से स्लाट बुकिंग में आ रही तकनीकी समस्याओं में सुधार हुआ है। खरीदी केंद्रों पर तौल कांटों की संख्या चार से बढ़ाकर छह की गई है। साथ ही जिलों को यह अधिकार भी दे दिया गया है कि आवश्यकता पडऩे पर वे इसे और बढ़ा सकते हैं। जिन 4 लाख किसानों के गेहूं खरीदी कन्फर्म हुई वे आगामी तारीखों में केंद्रों पर 50.51 लाख मीट्रिक टन गेहूं बचेंगे। मुख्यमंत्री की ओर से जारी बयान में कहा कि शुरु से अब तक 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी के स्लॉट बुक हो चुके हैं। 6 लाख किसान का. 28.53 लाख मीट्रिक टन गेहूं बेच चुके हैं। 4812.80 करोड़ का भुगतान कर दिया है। सीएम ने कहा कि गेहूं खरीदी में तेजी आई है। बड़ी संख्या में किसानों ने स्लॉट बुक कर रहे है। किसानों से गेहूं खरीदी के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। केंद्रों पर सभी इंतजाम किए है। आगे भी निरीक्षण करेंगे। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई होंगी। सभी मंत्री, विधायक और संबंधित अधिकारियों को खरीदी प्रक्रिया में सक्रियता के साथ काम करने व समस्याओं के निदान के निर्देश दिए हैं।
खरीदी को लेकर राजनीति भी तेज
गेहूं खरीदी पर भोपाल से लेकर दिल्ली तक राजनीति तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सीएम के नाम पत्र लिखा। दावा किया कि पड़ोसी राजस्थान किसानों को प्रति क्विंटल 2735 रुपए दे रहा है। यही दाम एमपी के किसानों को भी मिले। गेहूं खरीदी में अन्य बाधाओं का भी जिक्र किया तो पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने सीएम डॉ. मोहन यादव से उनके निवास पर भेंट। बाद में दावे किए कि सीएम से किसानों को गेहूं खरीदी में आ रही समस्याओं से अवगत कराया। साथ ही पूर्व में गेहूं, धान व मूंग की खरीदी को लेकर लिखे पत्रों पर कार्रवाई की मांग की। असल में खबर है कि गेहूं खरीदी में आ रही दिक्कतों को दिल्ली ने गंभीरता से लिया है। सूत्रों के मुताबिक भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने लैंड पूलिंग की तरह यह मुद्दा भी वरिष्ठों को ब्रीफ किया था। दिल्ली में कुछ कांग्रेस नेता भी मप्र में गेहूं खरीदी से जुड़े विषयों पर सक्रिय हुए हैं। माना जा रहा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी की इसमें एंट्री हो सकती है। मप्र कांग्रेस को यह भनक लगते ही कई नेता सक्रिय हो गए। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री निवास पर सीएम डॉ. मोहन यादव से चर्चा में कहा कि जमीन अधिग्रहण पर ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों को जो 4 गुना मुआवजा देने का ऐलान किया है, उसे 1 जनवरी 2014 से लागू किया जाए। दिग्विजय सिंह ने याद दिलाया कि पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार ने भू-अर्जन अधिनियम 2013 में प्रभावित किसानों को 4 गुना मुआवजा दिये जाने का निर्णय लिया था। कई राज्य इसे पहले ही लागू कर चुके हैं, इसलिए मप्र में भी जिन किसानों की जमीन कम मुआवजा देकर ली जा चुकी है, उन प्रभावित किसानों को हुए नुकसान की भरपाई अतिरिक्त मुआवजा देकर की जानी चाहिए। दिग्विजय ने इस दौरान सीएम को 18 मई से राघौगढ़ के ग्राम भैंसाना में होने वाले 151 कुंडीय श्रीराम महायज्ञ में शामिल होने का न्योता दिया।

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