
- हर ट्रिप में 25% ज्यादा कमाई
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। रेलवे यात्रियों से ‘स्पेशल ट्रेन’ के नाम पर खुलकर अतिरिक्त किराया वसूल रहा है। इन ट्रेनों में यात्रियों को कोई अलग सुविधा नहीं दी जाती, लेकिन सिर्फ ट्रेन नंबर में एक ‘0’ जोडक़र किराया 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ा दिया जाता है। यानी बिना अतिरिक्त सुविधा के यात्रियों की जेब से हर ट्रिप में लाखों रुपए ज्यादा वसूले जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक एक स्पेशल ट्रेन से रेलवे औसतन करीब दो लाख रुपए अतिरिक्त कमाई कर रहा है। भोपाल रेल मंडल से रोजाना करीब 40 स्पेशल ट्रेनें गुजर रही हैं और अधिकांश ट्रेनें फुल चल रही हैं। पीआईबी की रिपोर्ट के अनुसार रेलवे ने 15 अप्रैल से 15 जुलाई 2026 के बीच 908 समर स्पेशल ट्रेनों को मंजूरी दी है, जिनके कुल 18,262 ट्रिप संचालित किए जाएंगे। यदि प्रति ट्रिप औसतन 1.25 लाख रुपए अतिरिक्त वसूली मानी जाए तो केवल तीन महीने में रेलवे यात्रियों से करीब 2,284 करोड़ रुपए अतिरिक्त वसूल करेगा। यानी सिर्फ ‘स्पेशल’ टैग लगाकर रेलवे करोड़ों की अतिरिक्त कमाई कर रहा है। भोपाल डिवीजन की बात करें तो यहां से गुजरने वाली स्पेशल ट्रेनों से सालाना 150 करोड़ रुपए से अधिक की अतिरिक्त राशि यात्रियों से वसूली जा रही है।
ऐसे समझें कैसे लगाया जा रहा यात्रियों की जेब पर चूना
मान लीजिए, आपको भोपाल से पुणे जाना है। सामने दो ट्रेनें हैं, एक सामान्य (12782 मैसूर स्वर्णजयंती सुपरफास्ट एक्सप्रेस) और एक स्पेशल (07364 ऋषिकेश हुबली स्पेशल)। दोनों ट्रेनें एक जैसी हैं दोनों में एलएचबी कोच हैं, दोनों में सेकेंड एसी के 2-2 कोच हैं, दोनों में एक सीट पर बैठने की जगह बराबर है। फर्क सिर्फ इतना है, सामान्य ट्रेन का सेकेंड एसी का किराया 1810 रुपए है, जबकि स्पेशल ट्रेन का 2185 रुपए। यानी स्पेशल ट्रेन में आपको 375 अधिक (20.7त्न ज्यादा) देने पड़ते हैं। कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं उल्टा स्पेशल ट्रेन पहुंचाने में समय भी अधिक लेती है।
