मप्र में 2428 करोड़ के प्रोजेक्ट को मंजूरी

  • विकास, रोजगार, किसान कल्याण और महिला सशक्तिकरण सरकार पर जोर

गौरव चौहान
मध्यप्रदेश सरकार ने मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में विकास, रोजगार, किसान कल्याण और महिला सशक्तीकरण से जुड़े कई बड़े फैसले लिए। कैबिनेट ने अलग-अलग विभागों के 2428 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की है। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन से प्रदेश में 8 हजार से अधिक युवाओं को कौशल आधारित रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। मंत्रालय में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में सिंचाई परियोजनाओं, आईटी सेक्टर के विस्तार, महिला कल्याण योजनाओं, खेल अधोसंरचना और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से जुड़े प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इसके अलावा किसानों को समर्थन मूल्य पर उपार्जन बोनस देने के लिए भी बड़ी राशि मंजूर की गई है।
कैबिनेट के फैसलों में सरकार ने रोजगार सृजन, निवेश आकर्षण, किसानों की आय बढ़ाने, महिलाओं को सुविधाएं देने और खेल अधोसंरचना मजबूत करने पर जोर दिया है। 2428 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश में औद्योगिक, डिजिटल और सामाजिक विकास को गति देने की तैयारी है। प्रदेश में डिजिटल सेक्टर और आईटी निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में विकसित हो रहे आईटी पार्क एवं आई टावर के लिए 595 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से प्रदेश में आईटी कंपनियों के लिए नया निवेश वातावरण तैयार होगा। इससे युवाओं को रोजगार के साथ-साथ स्टार्टअप और स्वरोजगार के अवसर भी मिलेंगे। आईटी सेक्टर में कौशल रखने वाले युवाओं के लिए यह परियोजना रोजगार का नया केंद्र बन सकती है।
सिंचाई परियोजनाओं को मिली गति
किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कैबिनेट ने दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। रिहन्द माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 111 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। मल्हारगढ़ दाबयुक्त वृहद उद्वहन सिंचाई परियोजना के संचालन के लिए 184 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इन योजनाओं से कृषि क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ाने और किसानों को खेती में स्थायित्व देने का प्रयास किया जाएगा।
किसानों को बोनस देने की योजना जारी रहेगी
कैबिनेट ने समर्थन मूल्य पर उपार्जन करने वाले किसानों को बोनस भुगतान की योजना को आगे जारी रखने की मंजूरी दी है। इसके लिए 500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। यह योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अवधि में जारी रहेगी। सरकार का कहना है कि इससे किसानों को उपार्जन प्रक्रिया में अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलेगा और कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
महिला सशक्तिकरण के लिए 198 करोड़
मंत्रिपरिषद ने मिशन शक्ति के अंतर्गत महिला सशक्तीकरण योजनाओं के लिए 198 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इसके साथ ही कामकाजी महिलाओं के लिए सखी निवास योजना को लागू करने का निर्णय लिया गया है। पहले इस योजना को महिला विश्रामालय के नाम से जाना जाता था। सखी निवास में सभी वर्गों की कामकाजी महिलाओं को रहने की सुविधा मिलेगी। महिला कर्मचारियों के छोटे बच्चों के लिए डे-केयर सेंटर की व्यवस्था होगी। सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध कराया जाएगा। फिलहाल प्रदेश में तीन शासकीय सखी निवास संचालित हैं।
भोपाल में होगी महिला एशियन हॉकी चैम्पियंस ट्रॉफी
खेल और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने भोपाल में आयोजित होने वाली महिला एशियन हॉकी चैम्पियंस ट्रॉफी के लिए 18 करोड़ 74 लाख रुपये की सैद्धांतिक मंजूरी दी है। यह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता अक्टूबर में भोपाल के बरखेड़ा नाथू स्थित इंटरनेशनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित होगी। प्रतियोगिता में भारत सहित चीन, जापान, मलेशिया, दक्षिण कोरिया और थाईलैंड की टीमें भाग लेंगी। इसमें करीब 200 खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ के शामिल होने की संभावना है। सरकार का मानना है कि इससे भोपाल की खेल पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी।
ग्वालियर में बनेगा विद्युत सुरक्षा निरीक्षकालय का नया कार्यालय
कैबिनेट ने ग्वालियर में विद्युत सुरक्षा निरीक्षकालय के नए वृत्त कार्यालय की स्थापना को मंजूरी दी है। इसके लिए 9 नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी गई है। अब तक ग्वालियर और चंबल संभाग के विद्युत सुरक्षा तथा राजस्व संग्रहण संबंधी कार्य भोपाल मुख्यालय से संचालित होते थे। नए कार्यालय के बनने से स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी।

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