- बोले- अब समाधान चाहिए, सिर्फ सुनवाई नहीं

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का मामला लंबे समय से अदालतों में लंबित है। इस बीच ओबीसी महासभा ने 20 जुलाई को विधानसभा का घेराव करने का ऐलान किया है। संगठन का कहना है कि वर्षों से मामले में केवल सुनवाई की तारीखें मिल रही हैं, जबकि लाखों युवाओं के भविष्य पर इसका असर पड़ रहा है। महासभा के अनुसार, आरक्षण से जुड़ा मामला पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में चलता रहा। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने मामले को फिर से मध्यप्रदेश हाईकोर्ट भेजते हुए तीन महीने के भीतर फैसला करने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद संगठन का कहना है कि अब केवल न्यायिक प्रक्रिया का इंतजार करना पर्याप्त नहीं है और सरकार को भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
सरकार से ये हैं प्रमुख मांगें
ओबीसी महासभा ने विधानसभा घेराव के दौरान सरकार के सामने कई मांगें रखने की बात कही है। इनमें प्रमुख रूप से 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को पूरी तरह लागू करना, लंबे समय से रुके 13% आरक्षण का स्थायी समाधान निकालना, ओबीसी उप-वर्गीकरण लागू करना, जातिगत जनगणना कराना, शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में ओबीसी की भागीदारी बढ़ाना, ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देना तथा युवाओं, महिलाओं और उद्यमियों के लिए विशेष योजनाएं लागू करना शामिल हैं। ओबीसी महासभा की राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य और इस मामले के याचिकाकर्ता लोकेंद्र गुर्जर ने कहा कि कई वर्षों से ओबीसी समाज को सिर्फ सुनवाई की तारीखें मिल रही हैं। इससे लाखों युवाओं में निराशा बढ़ी है। उनका कहना है कि अब समाज केवल आश्वासन नहीं, बल्कि 27 प्रतिशत आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन का स्पष्ट समाधान चाहता है।
