आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती में विस्तार से मध्यप्रदेश बनेगा समृद्ध

  • मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन किसानों से की चर्चा

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रदेश के 10 लाख 54 हजार किसानों के खातों में सिंगल क्लिक से 1460 करोड़ 25 लाख रुपए की राशि अंतरित की। यह प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत खरीफ 2025 के फसल बीमा की दावा राशि है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने जगदीशपुर में मंत्री परिषद की बैठक के तुरंत बाद किसानों को यह राशि जारी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी किसानों के हितों की रक्षा के लिए विशेष रूप से संवेदनशील हैं। प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल हानि होने पर कृषकों को सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना संचालित है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में कृषकों के साथ है। उन्होंने कहा कि इस बार अल-नीनो प्रभाव के कारण अच्छे मानसून का अनुमान नहीं है। ऐसी स्थिति में किसान अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा, निर्धारित तिथि से पहले करवा लें। इससे उपज में हानि होने की स्थिति में किसानों को वित्तीय सहायता प्राप्त हो सकेगी। राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार कार्य कर रही है। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को झाबुआ में बलराम कृषि महोत्सव के अंतर्गत आनलाइन किसानों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने तथा आधुनिक एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उल्लेखनीय है कि ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के अंतर्गत प्रदेश में ‘बलराम कृषि महोत्सव-2026 मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इंदौर से इसकी शुरुआत की। अगला बलराम कृषि महोत्सव 21 जुलाई को आलीराजपुर में, 23 जुलाई को बड़वानी, 25 जुलाई को खरगौन में, 27 जुलाई को बुरहानपुर में और 30 जुलाई को खण्डवा में आयोजित किया जायेगा।
कम वर्षा की संभावना व्यक्त की
मुख्यमंत्री ने झाबुआ में बलराम कृषि महोत्सव में कहा कि मौसम विभाग द्वारा इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है। किसानों को तीन लाख रुपये तक का कृषि ऋण शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। किसानों को मात्र पांच रुपए में बिजली कनेक्शन दिए जा रहे हैं तथा डेयरी विकास के लिए 40 लाख रुपये तक की योजना में 33 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने किसानों से आह्वान किया कि वे आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक सलाह, प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण के सिद्धांतों को अपनाकर कृषि को अधिक लाभकारी बनाएं।

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