- शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के जरिए समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बनाने के बाद अब संघ ने बनाया रोडमैप
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के जरिए समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बनाने के बाद अब इस जुड़ाव को स्थायी संगठनात्मक संपर्क में बदलने की तैयारी कर रहा है। प्रबुद्ध वर्ग, युवा, महाविद्यालयीन विद्यार्थी और हिंदू सम्मेलनों में शामिल हुए समाजजनों को आगे भी संघ और समवैचारिक संगठनों की गतिविधियों से जोड़े रखने की रणनीति पर मंथन किया गया। संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक के बाद सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने प्रांत प्रचारकों के साथ इस विषय पर चर्चा की। बैठक में शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ यह भी विचार किया गया कि इन आयोजनों के माध्यम से संपर्क में आए लोगों की सहभागिता आगे किस तरह बनाए रखी जाए। संघ के सामने अब चुनौती केवल बड़े पैमाने पर कार्यक्रम आयोजित करने की नहीं, बल्कि उनसे जुड़े लोगों को निरंतर संगठनात्मक गतिविधियों का हिस्सा बनाने की है।
प्रांत प्रचारकों के साथ चर्चा में बताया गया कि जिला केंद्रों और अन्य प्रमुख स्थानों पर 3207 प्रमुख जन गोष्ठियां आयोजित की गईं। इनमें 4 लाख 29 हजार 262 प्रबुद्ध और प्रमुख समाजजन शामिल हुए। इन कार्यक्रमों के जरिए समाज के विभिन्न क्षेत्रों में प्रभाव रखने वाले लोगों से संवाद स्थापित किया गया। बैठक में इस वर्ग के साथ संपर्क बनाए रखने और उन्हें समवैचारिक संगठनों से जोडऩे पर जोर दिया गया। युवाओं और महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए शताब्दी वर्ष में 57 हजार 243 कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें 31 लाख 26 हजार 404 विद्यार्थियों ने सहभागिता की। संघ की शाखाओं के विस्तार के साथ इन कार्यक्रमों के जरिए जुड़े युवाओं को आगे भी सक्रिय रखने के तरीकों पर चर्चा हुई। इसके लिए स्थानीय स्तर पर संपर्क और गतिविधियों को निरंतरता देने की जरूरत बताई गई।
हिंदू सम्मेलनों में करीब 4.94 करोड़ लोगों की भागीदारी
शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित हिंदू सम्मेलनों में 4 करोड़ 93 लाख 76 हजार 694 समाजजन शामिल हुए। इनमें सवा दो करोड़ से अधिक महिलाओं की सहभागिता रही। अरुणाचल प्रदेश, लद्दाख और अंडमान जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में भी सम्मेलन आयोजित किए गए। संघ इन आयोजनों से बने सामाजिक संपर्क को आगे भी बनाए रखना चाहता है।
4.63 लाख गांवों तक पहुंचा गृह संपर्क अभियान
संघ की ओर से चलाए गए गृह संपर्क अभियान के तहत कार्यकर्ताओं की टोलियां 4 लाख 63 हजार 340 गांवों और 41 हजार 825 नगरीय बस्तियों तक पहुंचीं। इस अभियान के जरिए घर-घर संपर्क स्थापित किया गया। अब इन संपर्कों को नियमित संवाद और संगठनात्मक गतिविधियों से जोडऩे की रणनीति पर विचार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी की मुलाकात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव डेली कॉलेज स्थित बैठक स्थल पहुंचे। यहां उन्होंने करीब एक घंटे तक सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले से चर्चा की। इस अवसर पर आयोजित भोज में भाजपा के पदाधिकारी भी शामिल हुए। शुक्रवार को क्षेत्रीय प्रचारकों के साथ चर्चा प्रस्तावित है। इसके बाद दोपहर से देशभर से आए केंद्रीय पदाधिकारियों और विभिन्न दायित्वों का निर्वहन कर रहे प्रतिनिधियों की वापसी का सिलसिला शुरू होगा।
06/11/2026
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