अब 40 ई-चेकपोस्ट पर होगी हर वाहन की डिजिटल जांच

  • मध्य प्रदेश सरकार ने बदले खनिज परिवहन के नियम

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्य प्रदेश सरकार ने खनिजों के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के उद्देश्य से प्रदेश में स्थापित 40 ई-चेकपोस्ट को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए नियमों में संशोधन कर दिया है।
नई व्यवस्था के तहत ई-चेकपोस्ट से गुजरने वाले वाहनों की नंबर प्लेट और अभिवहन पास का मिलान किया जाएगा, जिससे अवैध परिवहन की पहचान आसान होगी। सभी ई-चेकपोस्ट को स्टेट कंट्रोल कमांड सेंटर से जोड़ा जाएगा। यह सेंटर चेकपोस्ट से गुजरने वाले प्रत्येक वाहन की निगरानी करेगा। खनिज साधन संचालनालय में स्थापित इस कंट्रोल सेंटर की दैनिक रिपोर्ट विभाग के वरिष्ठ अधिकारी देखेंगे और समय-समय पर इसकी समीक्षा भी करेंगे। खनिज विभाग ई-चेकपोस्ट से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर यह भी आकलन करेगा कि इनकी स्थापना के बाद अवैध खनिज परिवहन में कितनी कमी आई है। इसके साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी वाहन क्षतिग्रस्त या छेड़छाड़ वाली नंबर प्लेट अथवा ईटीपी के बिना परिवहन न कर सके। संशोधित नियमों के अनुसार, मानवरहित ई-चेकपोस्ट के जरिए खनिज परिवहन में लगे वाहनों की लगातार निगरानी की जाएगी। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में ऑनलाइन कार्रवाई का प्रावधान भी किया गया है। फिलहाल ये ई-चेकपोस्ट केवल वाहनों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। चालान या अन्य दंडात्मक कार्रवाई अभी शुरू नहीं की गई है।
वाहन मालिकों की जिम्मेदारी तय
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक वाहन मालिक को अपने पंजीकृत वाहन पर स्वयं के खर्च से आईटी आधारित उपकरण लगवाना और उसका रखरखाव करना होगा। यदि निरीक्षण के दौरान यह सिस्टम खराब पाया जाता है, तो संबंधित वाहन को प्रतिबंधित किया जाएगा। साथ ही उसका पंजीकरण भी रद्द किया जा सकेगा।
इन जिलों में लगाए गए ई-चेकपोस्ट
प्रदेश के कई जिलों में ई-चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं। इनमें अनूपपुर में तीन, बालाघाट में एक, भोपाल में तीन, छतरपुर में दो, छिंदवाड़ा में दो शामिल हैं। इसके अलावा देवास, इंदौर, रायसेन, सतना-मैहर, सीहोर, शहडोल, टीकमगढ़ और उमरिया में एक-एक, रीवा, सीधी और ग्वालियर, मुरैना में दो-दो, सिंगरौली में तीन तथा भिंड, दतिया, जबलपुर, निवाड़ी और सागर में भी ई-चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं। जबलपुर में प्रस्तावित तीन में से दो ई-चेकपोस्ट संचालित हैं।

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