भोपाल के बाजारों में स्वच्छता के लिए अब डिजिटल निगरानी

  • न्यू मार्केट, दस नंबर, बिट्टन मार्केट जैसे बाजारों में शुरू होगा डिजिटल सफाई मॉडल

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
शहर के प्रमुख बाजारों में सफाई व्यवस्था को स्मार्ट और जवाबदेह बनाने के लिए नगर निगम नई पहल करने जा रहा है। अब बड़े बाजारों में सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए जाएंगे। इसके अलावा बाजारों में खरीदारी करने आने वाले लोगों के लिए फीडबैक लेने की व्यवस्था होगी। उसके आधार पर योजना बनेगी और उस पर अमल होगा। यह डिजिटल सफाई मॉडल न्यू मार्केट से शुरू होगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कार्य योजना बना रहे हैं। निगम के इस प्लान के तहत संबंधित क्षेत्रों के अधिकारी और एएचओ (असिस्टेंट हेल्थ ऑफिसर) इस ग्रुप्स के माध्यम से लगातार मॉनिटरिंग करेंगे। बाजारों में सफाई की स्थिति, कचरा उठाव और अन्य समस्याओं पर तत्काल फीडबैक लिया जाएगा। यही नहीं ग्रुप पर मिलने वाले कचरे और गंदगी के फोटो पर जहां तुरंत सफाई होगी तो वहीं लापरवाही मिलने पर स्पॉट फाइन भी किया जाएगा। इस व्यवस्था का प्रयोग फिलहाल शहर के प्रमुख बाजारों जैसे न्यू मार्केट, दस नंबर मार्केट और बिट्टन मार्केट में किया जाएगा। यहां के व्यापारियों से चर्चा करने के बाद उन्हें ग्रुप से जोड़ा जाएगा। इसके बाद शहर के अन्य बाजारों में इस तरह के ग्रुप बनाए जाएंगे। बाजार में खरीदारी करने पहुंचने वाले लोग किस तरह की – सुविधा चाहते हैं उन्हें क्या परेशानी है या बाजार में पीने का पानी, सुलभ शौचालय, बिजली, बैठने के लिए बेंच जैसी सुविधाओं की जरूरत है तो वे अपने फीडबैक में दर्ज कर सकेंगे। निगम इस पर योजना बनाकर अमल करेगा, ताकि मार्केट मॉडल के रूप में विकसित हो सके।
निगम का स्वास्थ्य अमला करेगा निरीक्षण, देंगे रिपोर्ट
नगर निगम का जोन स्तर पर स्वास्थ्य अमला जिनमें सहायक स्वास्थ्य अधिकारी और मैदानी कर्मचारी शामिल होंगे सर्वे करेंगे। इसकी रिपोर्ट अपर आयुक्त को दी जाएगी। इस संबंध में निगम के स्वास्थ्य विभाग को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बल्क गार्बेज जनरेटर्स को चिन्हित करने के दिए हैं निर्देश: आयुक्त निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने बताया कि बल्क गार्बेज जनरेटर्स को चिन्हित करने और सर्वे करने के निर्देश स्वास्थ्य अमले को दिए है।
नगर निगम करेगा सर्वे, होगा पंजीयन
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 को लेकर नगर निगम प्रशासन ने शहर में बल्क गार्बेज जनरेटर्स को चिन्हित करने और सर्वे करने के निर्देश जारी किए हैं। जल्द ही जोन स्तर पर अधिकारी-कर्मचारी अपने-अपने क्षेत्रों में सर्वे करेंगे। इसके साथ की उनका पंजीयन भी होगा। मॉल, बड़े होटल, रेस्टोरेंट, रिसोर्ट, ऑफिस कॉम्पलेक्स, हॉस्पिटल, नर्सिंग होम, मेडिकल कॉलेज, स्कूल-कॉलेज यूनिवर्सिटी, हास्टल, हाउसिंग सोसायटी, सरकारी आवासीय परिसर, धार्मिक स्थल, स्टेडियम, बड़े कार्यक्रम स्थल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट भी बल्क वेस्ट जनरेट की श्रेणी में आएंगे। इन संस्थानों को अब वेस्ट प्रोसेसिंग स्वयं करना होगी। नए नियमों के तहत जिन संस्थानों से 100 किलोग्राम से ज्यादा कचरा निकलता है उन्हें खुद ही अपने कचरे का निपटान करना होगा। अगर संबंधित संस्थान के पास निपटान की व्यवस्था नहीं है तो किसी रजिस्टर्ड कंपनी को कचरा देकर सेग्रीगेशन का सर्टिफिकेट लेना होगा। इस व्यवस्था को लेकर निगम ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। एक अनुमान के अनुसार राजधानी में 5000 से ज्यादा ऐसे संस्थान हैं, जहां से 100 किलोग्राम से ज्यादा रोज कचरा निकलता है।

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