मप्र में नए चेहरों से बदलेगी सियासत की तस्वीर

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  • कांग्रेस का जेन जी मिशन… 2.5 करोड़ युवाओं पर नजर

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश में लगातार चुनावी चुनौतियों का सामना कर रही कांग्रेस अब अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए नई पीढ़ी यानी जेन जी पर बड़ा दांव खेलने जा रही है। पार्टी का मानना है कि आने वाले वर्षों में प्रदेश की राजनीति का केंद्र युवा मतदाता होंगे, इसलिए अभी से उन्हें कांग्रेस की विचारधारा और आंदोलनों से जोडऩा जरूरी है। राजस्थान के कोटा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम को मिली सफलता के बाद पार्टी ने देशभर में छात्रों की गूंज अभियान शुरू करने का फैसला किया है। मध्यप्रदेश में इसकी औपचारिक शुरुआत आज से होने जा रही है। इसके जरिए कांग्रेस न केवल युवाओं की समस्याएं सुनना चाहती है, बल्कि उनके बीच से भविष्य के राजनीतिक चेहरे भी तलाशने की रणनीति पर काम कर रही है।
मप्र में पिछले दो विधानसभा चुनावों और लोकसभा चुनावों के नतीजों ने कांग्रेस को यह संकेत दिया है कि युवा मतदाताओं तक उसकी पहुंच कमजोर हुई है। पार्टी का आकलन है कि सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और नए राजनीतिक विमर्श के दौर में जेन जी की सोच पारंपरिक राजनीति से अलग है। इसी वजह से कांग्रेस अब सीधे युवाओं के बीच जाकर उनकी प्राथमिकताओं को समझना चाहती है। शिक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, महंगाई और करियर से जुड़े मुद्दों को अभियान का मुख्य आधार बनाया जाएगा।
ढाई करोड़ युवाओं पर फोकस
मप्र की आबादी में करीब 27 प्रतिशत हिस्सा युवा वर्ग का है। 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 2.3 से 2.5 करोड़ युवा ऐसे हैं जो जेन जी श्रेणी में आते हैं। यही वर्ग आने वाले चुनावों में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। कांग्रेस का मानना है कि यदि इस वर्ग के साथ अभी से राजनीतिक संवाद स्थापित किया गया तो भविष्य में यह पार्टी के लिए मजबूत सामाजिक और राजनीतिक आधार बन सकता है।
छात्रों की गूंज सिर्फ आंदोलन नहीं, राजनीतिक निवेश
पार्टी सूत्रों के अनुसार यह अभियान केवल छात्र समस्याओं तक सीमित नहीं रहेगा। कांग्रेस कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और युवा समूहों के माध्यम से यह जानने की कोशिश करेगी कि नई पीढ़ी किन मुद्दों पर सरकार और राजनीति को परख रही है। युवाओं के सुझावों और शिकायतों के आधार पर प्रदेश स्तर पर मुद्दे तैयार किए जाएंगे और उन्हें जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा।
महिला कांग्रेस भी उतरेगी मैदान में
युवा महिलाओं और नवविवाहित वर्ग को जोडऩे के लिए महिला कांग्रेस अलग अभियान चलाएगी। महंगाई, रोजगार, शिक्षा और परिवार की आर्थिक चुनौतियों को प्रमुख मुद्दा बनाया जाएगा। पार्टी का मानना है कि नौकरी और आय की अनिश्चितता का सबसे अधिक असर युवा परिवारों पर पड़ रहा है, इसलिए इस वर्ग तक पहुंच बनाना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होगा।
नए नेताओं की तलाश, पुराने चेहरों की चुनौती
अभियान का सबसे महत्वपूर्ण पहलू युवाओं के बीच से प्रभावशाली नेतृत्व की खोज माना जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस कई ऐसे विधानसभा क्षेत्रों का आंतरिक मूल्यांकन कर रही है जहां मौजूदा नेताओं की लोकप्रियता में गिरावट आई है। ऐसे क्षेत्रों में पार्टी नए और युवा चेहरों को आगे लाने की तैयारी कर सकती है। यानी छात्रों की गूंज केवल युवाओं से संवाद का मंच नहीं बल्कि भविष्य के उम्मीदवारों की खोज का माध्यम भी बन सकता है।
12 सदस्यीय युवा रणनीति टीम तैयार
प्रदेश कांग्रेस ने युवाओं के मुद्दों पर लगातार काम करने के लिए 12 सदस्यीय समिति बनाई है। इसमें युवा विधायक, पूर्व विधायक और संगठन के सक्रिय नेताओं को शामिल किया गया है। यह समिति युवाओं से संवाद, सुझावों के संकलन और राजनीतिक रणनीति तैयार करने का काम करेगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मध्यप्रदेश तेजी से युवा राज्य बन रहा है। अगले दशक में पहली बार मतदान करने वाले और 30 वर्ष से कम आयु के मतदाताओं की संख्या काफी बढ़ेगी। ऐसे में कांग्रेस का यह अभियान केवल वर्तमान की राजनीति नहीं बल्कि 2030 और उसके बाद की राजनीति की तैयारी माना जा रहा है। पार्टी समझ चुकी है कि पारंपरिक वोट बैंक की राजनीति के साथ-साथ डिजिटल और जागरूक युवा मतदाता को साधे बिना सत्ता की राह आसान नहीं होगी।

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