जन विश्वास विधेयक से खत्म होंगे 45 हजार से ज्यादा केस

जन विश्वास विधेयक

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। केंद्र सरकार के जन विश्वास विधेयक को एमपी में भी लागू करने के बाद एमएसएमई, गृह और श्रम विभागों में सालों से अटके प्रकरणों को निपटाया जा रहा है। नए विधेयक के बाद छोटे-मोटे तकनीकी उल्लंघनों से जुड़े 45 हजार से अधिक मामलों का निपटारा होगा। पहले छोटे व्यापारियों को एक छोटी सी कागजी गलती या तकनीकी चूक की वजह से कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ते थे और जेल जाने का डर भी बना रहता था। लेकिन जन विश्वास विधेयक ने इसे खत्म कर दिया है। अब कई अपराधों को डिक्रिमिनलाइज (गैर-अपराधिक) कर दिया गया है। यानी अब छोटी गलतियों पर जेल के बजाय पेनल्टी देकर मामलों को आउट आफ कोर्ट सुलझाया जा रहा है। एमपी में इसके लिए मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (एमपीआईडीसी) को नोडल एजेंसी बनाया गया था।
कई मामले दो दशक पुराने
पिछले साल अगस्त में इस विधेयक के एमपी में लागू होने के एक साल के भीतर ही श्रम विभाग ने 12 हजार से अधिक कोर्ट में लंबित मामलों को पेनल्टी के जरिए निपटाने की तैयारी की है। इनमें से कई केस तो दो दशक से भी च्यादा पुराने हैं।

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