
- मप्र के हर जिले में मिलेगी सुविधा
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। जहां मध्य प्रदेश पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों को मानसिक तनाव से उबारने के लिए पुलिस मुख्यालय बड़ी पहल करने जा रहा है। प्रदेश की सभी जिला पुलिस इकाइयों में जल्द ही मेंटल हेल्थ सेंटर स्थापित किए जाएंगे, पुलिसकर्मियों को मनोवैज्ञानिक परामर्श, तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस संबंध में पुलिस वेलफेयर विभाग द्वारा योजना तैयार की जा रही है। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के अनुसार कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, वीआईपी सुरक्षा, त्योहारों, चुनावी ड्यूटी और लगातार बढ़ते कार्यभार के कारण पुलिसकर्मी लंबे समय से मानसिक दबाव का सामना कर रहे हैं। कई बार 12 से 18 घंटे तक की ड्यूटी, अवकाश का अभाव और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन न बना पाने से तनाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। पिछले कुछ वर्षों में पुलिस कर्मियों द्वारा आत्महत्या और आत्महत्या के प्रयास की घटनाओं ने भी विभाग की चिंता बढ़ाई है। प्रस्तावित मेंटल हेल्थ सेंटरों में प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिकों और काउंसलरों की सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है। जरूरत पडऩे पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से ऑनलाइन और ऑफलाइन परामर्श की सुविधा भी दी जा सकती है। कर्मचारियों की गोपनीय काउंसलिंग, नियमित मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग और तनाव प्रबंधन सत्र भी इस पहल का हिस्सा होंगे। एआईजी पुलिस वेलफेयर इरमीन शाह ने बताया कि प्रदेश की सभी जिला इकाइयों में मेंटल हेल्थ सेंटर स्थापित करने की दिशा में योजना बनाई जा रही है। इसका उद्देश्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को तनावमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना और उनके मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है। सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों का भी मानना है कि पुलिस सेवा अत्यधिक तनावपूर्ण कार्यक्षेत्र है, जहां मानसिक स्वास्थ्य को लेकर संस्थागत सहायता की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। उनका कहना है कि ऐसी व्यवस्था से न केवल कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि उनके पारिवारिक जीवन पर पडऩे वाले नकारात्मक प्रभाव भी कम होंगे।
देशभर में यह 9वां सेंटर
जेल डीजी ने कहा की काउंसलिंग के जरिए कैदियों में तनाव कम करने, व्यवहार संबंधी समस्याओं को समझने और जेल से बाहर आने के बाद समाज में बेहतर तरीके से पुनर्वास में भी मदद मिल सकती है। वही राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी डायरेक्टर राकेश सिंह ने कहा की ये उनका देशभर में 9वा सेंटर है। मध्य प्रदेश जेल विभाग से इसको शुरू किया गया है। भोपाल सेंट्रल जेल से शुरू हुई यह पहल कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साइकोलॉजिकल केयर सेंटर के जरिए कैदियों की मानसिक स्थिति को समझने, उनकी काउंसलिंग करने और जरूरत के मुताबिक नियमित उपचार उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।
